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KBC विवाद: नागदा को 'छोटा प्यासा गांव' बताने पर कानूनी शिकंजा, अमिताभ बच्चन की बढ़ी मुश्किलें

22-02-2026

KBC विवाद: नागदा को 'छोटा प्यासा गांव' बताने पर कानूनी शिकंजा, अमिताभ बच्चन की बढ़ी मुश्किलें

मशहूर टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के एक एपिसोड में नागदा (उज्जैन) को लेकर की गई एक टिप्पणी अब कानूनी विवाद का रूप ले चुकी है। मध्य प्रदेश के नागदा की JMFC कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अभिनेता अमिताभ बच्चन और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के CEO गौरव बैनर्जी के खिलाफ दायर परिवाद (Complaint) को स्वीकार कर लिया है।

विवाद की जड़: 23 दिसंबर का वो एपिसोड

यह पूरा मामला 23 दिसंबर, 2025 को प्रसारित हुए एक एपिसोड से शुरू हुआ।

 * टिप्पणी: शो के दौरान बातचीत करते हुए अमिताभ बच्चन ने कथित तौर पर नागदा को एक "छोटा सा गांव" बताया और कहा कि वहां "पानी की भारी कमी" रहती है।

 * स्थानीय विरोध: नागदा के निवासियों और अधिवक्ताओं ने इस टिप्पणी को अपमानजनक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर ऐसी बात कहने से शहर की छवि धूमिल हुई है।

नागदा: 'गांव' नहीं, एक 'औद्योगिक नगर'

शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों का तर्क है कि नागदा की वास्तविकता शो में दिखाए गए चित्रण से बिल्कुल अलग है:

 * औद्योगिक पहचान: नागदा मालवा क्षेत्र का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र (Industrial Hub) है, जहाँ 'ग्रासिम' (Grasim) जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों की इकाइयां हैं।

 * पानी की उपलब्धता: यह शहर चंबल नदी के किनारे बसा है और यहाँ पानी की कोई ऐसी किल्लत नहीं है जैसी शो में बताई गई।

 * शहरी दर्जा: नागदा एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है और इसे जिला बनाने की मांग लंबे समय से चल रही है। इसकी आबादी भी करीब डेढ़ लाख से अधिक है।

कोर्ट का एक्शन और अगली सुनवाई

स्थानीय अधिवक्ता लक्ष्मण सुंदरा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निम्नलिखित आदेश दिए हैं:

 * CIS में पंजीकरण: मामले को 'केस इंफॉर्मेशन सिस्टम' (CIS) में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

 * पुलिस रिपोर्ट: अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी से इस पूरे मामले पर जांच प्रतिवेदन (Report) मांगा है।

 * अगली तारीख: मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल, 2026 को तय की गई है, जहाँ पुलिस की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया जाएगा।

> याचिकाकर्ता का बयान: "करोड़ों दर्शकों के सामने एक विकसित औद्योगिक शहर को 'प्यासा गांव' कहना केवल एक रिसर्च की गलती (Research Gaffe) नहीं है, बल्कि यह हमारी क्षेत्रीय अस्मिता पर चोट है।"

निष्कर्ष: सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी पर सवाल

यह पहली बार नहीं है जब KBC या अमिताभ बच्चन को किसी कंटेंट को लेकर कानूनी नोटिस मिला हो। हालांकि, यह मामला 'तथ्यात्मक सटीकता' (Factual Accuracy) से जुड़ा है। अब 9 अप्रैल को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि क्या अमिताभ बच्चन और सोनी टीवी को इस पर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी या कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।


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