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चैत्र नवरात्रि पांचवा दिन: मां स्कंदमाता की पूजा और महिमा

23-03-2026

आज 23 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन है। आज का दिन आदिमाता के ममतामयी स्वरूप मां स्कंदमाता की उपासना का है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है, जो वात्सल्य और ज्ञान की देवी हैं।

चैत्र नवरात्रि पांचवा दिन: मां स्कंदमाता की पूजा और महिमा

1. स्वरूप और प्रतीकात्मकता

 * गोद में स्कंद: मां की चार भुजाएं हैं और उनकी गोद में भगवान स्कंद (कार्तिकेय) बाल रूप में विराजमान हैं। यह स्वरूप दर्शाता है कि मां अपने भक्तों की रक्षा एक माता की तरह करती हैं।

 * पद्मासना: मां कमल के पुष्प पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें 'पद्मासना' भी कहा जाता है। इनका वाहन सिंह है।

2. विशेष भोग और प्रिय वस्तुएं

मां स्कंदमाता को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, जो सुख और शांति का प्रतीक है:

 * मुख्य भोग: मां को केले का भोग लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा केसर वाली खीर अर्पित करने से मां अत्यंत प्रसन्न होती हैं।

 * फूल: पूजा में पीले रंग के पुष्प (जैसे गेंदा या पीला गुलाब) अर्पित करें।

3. पूजा का विशेष महत्व (धनुष-बाण और सुहाग)

आज की पूजा में कुछ खास भेंट चढ़ाने का विधान है:

 * धनुष-बाण: स्कंदमाता को युद्ध की देवी और देवताओं की सेनापति की माता माना जाता है, इसलिए उन्हें धनुष-बाण अर्पित करने से शत्रुओं पर विजय और साहस की प्राप्ति होती है।

 * सुहाग का सामान: सुहागिन महिलाएं आज मां को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करती हैं, जिससे अखंड सौभाग्य और संतान सुख का आशीर्वाद मिलता है।

4. आज के शुभ मुहूर्त (23 मार्च 2026)

 * ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:48 से 05:35 तक।

 * अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:52 तक (यह पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है)।

 * अमृत काल: शाम 05:40 से 07:15 तक।

> मंत्र का जाप करें: "या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

5. आध्यात्मिक लाभ

माना जाता है कि मां स्कंदमाता की कृपा से मूर्ख व्यक्ति भी ज्ञानी हो जाता है। जो भक्त संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए आज का व्रत और पूजन विशेष फलदायी होता है।

निष्कर्ष: ममता और शक्ति का संगम

LPG संकट और वैश्विक तनाव के इस दौर में, मां स्कंदमाता की पूजा मन को शांति और धैर्य प्रदान करती है। सात्विक आहार लें और शाम के समय दीप दान अवश्य करें।

मुख्य बिंदु:

 * आज का रंग: पीला।

 * प्रिय भोग: केला और केसर खीर।

 * आशीर्वाद: संतान सुख और बुद्धि की प्राप्ति।


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