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'वॉशिंगटन पोस्ट' में छंटनी: एक बड़ा संकट

05-02-2026

मीडिया जगत और वैश्विक पत्रकारिता के लिए यह एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर है। दुनिया के सबसे प्रभावशाली समाचार पत्रों में शुमार 'वॉशिंगटन पोस्ट' (The Washington Post) द्वारा की गई यह छंटनी न केवल आर्थिक मंदी के संकेतों को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि डिजिटल युग में प्रिंट मीडिया के दिग्गज भी सुरक्षित नहीं हैं।

'वॉशिंगटन पोस्ट' में छंटनी: एक बड़ा संकट

वॉशिंगटन पोस्ट, जिसका स्वामित्व अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस के पास है, पिछले कुछ समय से अपने राजस्व मॉडल और सब्सक्रिप्शन संख्या को लेकर संघर्ष कर रहा था। इस छंटनी को उसी संकट के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।

1. छंटनी का पैमाना और प्रभाव

 * कर्मचारियों की संख्या: अखबार ने अपने वर्कफोर्स का लगभग एक-तिहाई (300 से अधिक कर्मचारी) हिस्सा कम कर दिया है। यह हाल के वर्षों में मीडिया उद्योग की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक है।

 * अनुभवी पत्रकारों की विदाई: इस कटौती में केवल जूनियर स्टाफ ही नहीं, बल्कि कई वरिष्ठ संपादक, अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार और पुरस्कार विजेता पत्रकार भी प्रभावित हुए हैं।

2. ईशान थरूर की नौकरी और उनकी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद और प्रख्यात लेखक शशि थरूर के बेटे, ईशान थरूर, जो लंबे समय से अखबार के लिए वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तंभकार (Senior International Columnist) के रूप में कार्यरत थे, इस छंटनी का शिकार हुए हैं।

 * ईशान की भूमिका: ईशान 'वर्ल्ड व्यू' (WorldView) कॉलम के माध्यम से वैश्विक राजनीति, कूटनीति और जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी तीखी और गहरी समझ के लिए जाने जाते थे।

 * संवेदनशील रुख: अपनी नौकरी जाने के बाद ईशान ने सोशल मीडिया पर अपने सहकर्मियों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने इसे एक सामूहिक क्षति बताया और उन पत्रकारों की सराहना की जिन्होंने वर्षों तक संस्थान को अपनी सेवाएं दीं।

मीडिया इंडस्ट्री में छंटनी के प्रमुख कारण

यह केवल एक अखबार की कहानी नहीं है; पूरी दुनिया में मीडिया घराने इस समय एक बड़े 'ट्रांजिशन' (परिवर्तन) से गुजर रहे हैं।

| मुख्य कारण | विवरण |

|---|---|

| विज्ञापन राजस्व में गिरावट | विज्ञापनों का एक बड़ा हिस्सा अब टेक दिग्गजों (Google/Meta) के पास जा रहा है। |

| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) | एआई टूल्स के आने से बेसिक रिपोर्टिंग और एडिटिंग की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। |

| सब्सक्रिप्शन थकान | पाठक अब कई अलग-अलग न्यूज पोर्टल्स के लिए भुगतान करने में कतरा रहे हैं। |

| आर्थिक अनिश्चितता | अमेरिका और यूरोप में मंदी की आहट ने कंपनियों को बजट कम करने पर मजबूर किया है। |

शशि थरूर और ईशान थरूर: एक बौद्धिक विरासत

शशि थरूर स्वयं संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजनयिक और एक दिग्गज लेखक हैं। उनके बेटे ईशान ने भी पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।

 * विद्वता: ईशान की लेखन शैली में उनके पिता जैसी ही स्पष्टता और भाषाई गहराई देखी जाती रही है।

 * भविष्य की राह: मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि ईशान थरूर जैसे अनुभवी पत्रकार के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता (Substack, Podcasts) या किसी अन्य प्रतिष्ठित थिंक-टैंक में जुड़ने के कई रास्ते खुले हैं।

भविष्य का परिदृश्य (The Road Ahead)

'वॉशिंगटन पोस्ट' द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य मीडिया हाउसों के लिए भी एक चेतावनी है। जब बेजोस जैसे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के स्वामित्व वाला संस्थान 30% स्टाफ कम कर रहा है, तो छोटे संस्थानों के लिए अस्तित्व बचाना और भी चुनौतीपूर्ण होगा।

> निष्कर्ष: यह घटना केवल नौकरियों के जाने की नहीं, बल्कि उस 'क्वालिटी जर्नलिज्म' के सिमटने की कहानी है जिसके लिए वॉशिंगटन पोस्ट जाना जाता था। अनुभवी स्तंभकारों की कमी से पाठकों को मिलने वाली खबरों की गहराई निश्चित रूप से प्रभावित होगी।


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