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IMD ने 19 राज्यों में जारी किया भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
भारत में चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान देशवासियों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने के साथ ही मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की ताजा स्थिति को देखते हुए देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का 'ऑरेंज' और 'यलो' अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मानसून की रफ्तार और तेज होने वाली है। इसके महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, तटीय आंध्र प्रदेश और पूरे पूर्वोत्तर भारत में तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही, आज देश के मैदानी और मध्य भागों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।
अगले 48 से 72 घंटे क्यों हैं बेहद अहम?
मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों और विंड पैटर्न से साफ संकेत मिल रहे हैं कि मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिन देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं:
• महाराष्ट्र और मुंबई में दस्तक: मानसून की उत्तरी सीमा इस समय महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को छू रही है। अगले 48 घंटों में इसके मुंबई समेत पूरे कोंकण क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र में सक्रिय होने की उम्मीद है। मुंबई और आसपास के इलाकों में प्री-मानसून और मानसून की शुरुआती बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
• आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत: दक्षिण भारत के राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। आंध्र प्रदेश के तटीय और रायलसीमा क्षेत्रों में अगले 72 घंटों में मानसून पूरी तरह छा जाएगा, जिससे यहां के किसानों को खरीफ फसलों की बुआई में बड़ी मदद मिलेगी।
• पूर्वोत्तर भारत में भारी तबाही की आशंका: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही 'अत्यधिक भारी बारिश' का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन को सचेत रहने को कहा गया है।
उत्तर और मध्य भारत का हाल: बिहार, यूपी, झारखंड और पंजाब में आज कैसा रहेगा मौसम?
आज देश के एक बड़े हिस्से में बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मुख्य राज्यों में मौसम का हाल कुछ इस प्रकार रहने वाला है:
1. बिहार और झारखंड: वज्रपात की चेतावनी
बिहार और झारखंड में पूर्वी हवाओं के प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। आज दोनों राज्यों के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और खेतों में जाने से बचें।
2. उत्तर प्रदेश (UP): आंधी के साथ राहत की फुहारें
यूपी के पूर्वी और मध्य जिलों (जैसे गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज) में मानसून पूर्व की बारिश और पुरवा हवाओं ने दस्तक दे दी है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और उसके बाद गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे पिछले कई दिनों से जारी भीषण उमस और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
3. राजस्थान और पंजाब: धूल भरी आंधी और बारिश
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के कई हिस्सों में आज पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के आपस में टकराने के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, पंजाब और हरियाणा के कृषि प्रधान क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे धान की पौध लगाने वाले किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
आम जनता और प्रशासन के लिए मौसम विभाग की जरूरी गाइडलाइन
मानसून की पहली जोरदार बारिश जहां एक तरफ गर्मी से राहत और सुकून लाती है, वहीं दूसरी तरफ यह अपने साथ कई तरह की नागरिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आती है। मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
सुरक्षा निर्देश:
1. जलभराव से बचें: शहरों में भारी बारिश के कारण होने वाले जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें, क्योंकि वहां खुले मैनहोल या बिजली के गिरे हुए तारों का खतरा हो सकता है।
2. किसानों के लिए सलाह: खेतों में काम कर रहे किसान भाई आसमान में काले बादल छाने या बिजली कड़कने पर तुरंत सुरक्षित और पक्के मकानों में चले जाएं।
3. यातायात में सावधानी: आंधी और भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम हो जाती है, इसलिए वाहन चलाते समय हेडलाइट ऑन रखें और गति धीमी रखें।
4. सेहत का ख्याल: मौसम में अचानक आए इस बदलाव के कारण मौसमी बीमारियां, सर्दी-खांसी और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, अतः खान-पान में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
निष्कर्ष: कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए वरदान है यह मानसून
भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए मानसून केवल एक मौसम नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन (जीवाणु रेखा) है। देश की लगभग आधी से अधिक कृषि भूमि सिंचाई के लिए सीधे तौर पर मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में समय पर मानसून का आना और देश के विभिन्न हिस्सों में इसका तेजी से आगे बढ़ना खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का, बाजरा, दलहन और तिलहन) की बुआई के लिए एक बेहद शुभ संकेत है।
