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17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट

09-06-2026

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने और सक्रिय होने के साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मानसून की इस दस्तक ने जहां कई इलाकों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं सुरक्षा के लिहाज से अत्यधिक सतर्कता बरतने की हिदायत भी दी गई है।

मौसम विभाग के इस ताजा और महत्वपूर्ण अलर्ट को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है:

1. 17 राज्यों के लिए 'हाई अलर्ट'

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मानसून के उत्तर और पूर्वी भारत की ओर बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण यह स्थिति बनी है। प्रभावित होने वाले मुख्य राज्यों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्य शामिल हैं।

2. अगले 8 घंटों में इन राज्यों में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ घंटों के भीतर देश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक तीव्र बदलाव आएगा। विशेष रूप से निम्नलिखित राज्यों में तेज वर्षा का अलर्ट है:

• दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और कर्नाटक (जहां मानसून पूरी तरह सक्रिय है और कई जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति है), असम और त्रिपुरा।

• पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

3. 60 से 90 किमी/घंटा की विनाशकारी हवाएं

बारिश के साथ-साथ इस मौसम की सबसे बड़ी चुनौती तूफानी हवाएं हैं। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि गरज-चमक के दौरान कई इलाकों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी और चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। इतनी तेज गति की हवाएं कमजोर संपत्तियों, कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

4. पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी

मैदानी इलाकों में जहां आंधी-पानी का अलर्ट है, वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इससे पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है।

सुरक्षा के लिए अहम सुझाव:

मौसम विभाग ने आम जनता, विशेषकर बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के लोगों से अपील की है कि वे वज्रपात (बिजली चमकने) और तेज आंधी के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

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