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मुर्शिदाबाद में 'बाबरी' की गूंज: हुमायूं कबीर को केंद्र की Y+ सुरक्षा और बंगाल का नया सियासी समीकरण
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले एक और बड़ा धमाका हुआ है। मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक और 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के संस्थापक **हुमायूं कबीर** को केंद्र सरकार ने **Y+ श्रेणी की सुरक्षा** प्रदान की है। बुधवार, 4 मार्च 2026 को केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक 11 सदस्यीय टीम उनके मुर्शिदाबाद स्थित आवास पर पहुंच गई। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हुमायूं कबीर द्वारा अयोध्या की बाबरी मस्जिद की "रेप्लिका" (समान ढांचा) बनवाने के फैसले ने राज्य में भारी राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है।
### **Y+ सुरक्षा के पीछे का कारण**
हुमायूं कबीर ने जनवरी 2026 में कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्होंने अपनी जान को गंभीर खतरा बताते हुए केंद्रीय सुरक्षा की मांग की थी।
* **अदालती आदेश:** हाईकोर्ट ने उन्हें गृह मंत्रालय (MHA) के पास आवेदन करने का निर्देश दिया था।
* **धमकियां:** कबीर का दावा है कि जब से उन्होंने 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण और नई पार्टी बनाने की घोषणा की है, उन्हें राज्य के भीतर से और कट्टरपंथी तत्वों से धमकियां मिल रही हैं।
* **बदलाव:** केंद्रीय टीम के आने के बाद, कबीर ने अपने निजी सुरक्षा गार्डों और राज्य पुलिस के सुरक्षा घेरे को मुक्त कर दिया है।
### **कौन हैं हुमायूं कबीर और क्या है 'बाबरी' विवाद?**
हुमायूं कबीर कभी ममता बनर्जी के करीबी और टीएमसी के मुखर नेता थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनकी राहें बिल्कुल अलग हो गई हैं:
1. **पार्टी से निष्कासन:** दिसंबर 2025 में टीएमसी ने उन्हें "सांप्रदायिक राजनीति" करने और पार्टी विरोधी बयानों के चलते सस्पेंड कर दिया था।
2. **बाबरी मस्जिद का निर्माण:** कबीर ने मुर्शिदाबाद के **बैलडांगा (Beldanga)** में अयोध्या की बाबरी मस्जिद जैसी दिखने वाली एक विशाल मस्जिद का निर्माण शुरू किया है। इसका शिलान्यास उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को किया था।
3. **बजट और समय:** इस मस्जिद को बनाने में करीब 50-55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और उन्होंने इसे दो साल के भीतर पूरा करने का संकल्प लिया है।
### **बंगाल चुनाव 2026: 'किंगमेकर' बनने की तैयारी?**
हुमायूं कबीर ने टीएमसी से निकलने के बाद अपनी नई पार्टी **'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP)** बनाई है। मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
* **गठबंधन:** कबीर ने **असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM** के साथ गठबंधन की घोषणा की है।
* **लक्ष्य:** उनका स्पष्ट कहना है कि वह ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने और बीजेपी को रोकने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वह खुद दो विधानसभा सीटों (रेजीनगर और भरतपुर) से चुनाव लड़ने वाले हैं।
### **विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया**
| दल | प्रतिक्रिया |
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| **TMC** | कबीर की राजनीति को भाजपा की "बी-टीम" करार दिया, जो वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही है। |
| **BJP** | केंद्र द्वारा सुरक्षा देने को एक संवैधानिक प्रक्रिया बताया, लेकिन मस्जिद निर्माण को सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला कहा। |
| **JUP** | इसे लोकतंत्र की जीत और सच बोलने वाले नेता को मिला सम्मान बताया। |
### **निष्कर्ष: मुर्शिदाबाद बना चुनावी कुरुक्षेत्र**
मुर्शिदाबाद हमेशा से पश्चिम बंगाल की राजनीति का निर्णायक जिला रहा है। हुमायूं कबीर को केंद्र द्वारा सुरक्षा मिलना और उनका 'बाबरी कार्ड' खेलना, ममता बनर्जी के मुस्लिम वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकता है। क्या यह सुरक्षा उन्हें केवल जान के खतरे से बचाएगी या उन्हें चुनावी मैदान में और मजबूती से खड़ा करेगी? इसका फैसला आने वाले हफ्तों में मतदान के दौरान होगा।
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