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ईरान की दहलीज पर 'महाबली': ट्रंप ने भेजा USS अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप, 70 विमान और 8000 सैनिक तैनात

16-01-2026

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब 'फ्लैशपॉइंट' पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसक कार्रवाई के खिलाफ अपनी चेतावनी को हकीकत में बदलते हुए मिडिल ईस्ट में भारी सैन्य तैनाती के आदेश दे दिए हैं।

ईरान की दहलीज पर 'महाबली': ट्रंप ने भेजा USS अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप, 70 विमान और 8000 सैनिक तैनात

16 जनवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने दक्षिण चीन सागर में तैनात USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को तुरंत मिडिल ईस्ट पहुँचने का आदेश दिया है। यह कदम ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में 2,600 से अधिक लोगों की मौत और वहां की सरकार द्वारा दी गई 'फांसी की धमकियों' के जवाब में उठाया गया है।

USS अब्राहम लिंकन: समुद्र में चलता-फिरता 'किला'

यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला (Nuclear-powered) विमानवाहक पोत दुनिया के सबसे घातक युद्धपोतों में से एक है। इसकी ताकत का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:

 * फाइटर जेट्स: इस पर 65 से 70 अत्याधुनिक विमान तैनात हैं, जिनमें F-35C लाइटनिंग II (स्टील्थ फाइटर) और F/A-18 सुपर हॉर्नेट शामिल हैं।

 * सैनिक शक्ति: इस पूरे स्ट्राइक ग्रुप में 7,000 से 8,000 अमेरिकी सैनिक (मरीन्स और सेलर्स) शामिल हैं।

 * डिस्ट्रॉयर्स और पनडुब्बियां: बेड़े में 3 से 6 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स (जैसे USS Michael Murphy और USS Spruance) और कम से कम एक परमाणु हमलावर पनडुब्बी शामिल है, जो टोमाहॉक मिसाइलों से लैस है।

ट्रंप की रणनीति: 'सिर्फ चेतावनी नहीं, कार्रवाई'

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया है कि "सभी विकल्प मेज पर हैं।" ट्रंप की रणनीति के मुख्य बिंदु ये हैं:

 * कड़ी चेतावनी: ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देना बंद नहीं किया, तो उन्हें वह मंजर देखना होगा जो उन्होंने कभी नहीं देखा।

 * टारगेटेड स्ट्राइक्स: अमेरिकी सैन्य सलाहकार ट्रंप को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और सुरक्षा मुख्यालयों पर सर्जिकल एयरस्ट्राइक करने के विकल्प दे रहे हैं।

 * बेस खाली करना: सुरक्षा कारणों से कतर स्थित अल-उदैद एयर बेस से कुछ गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मियों को पहले ही हटाया जा चुका है, ताकि ईरान के संभावित पलटवार से बचा जा सके।

ईरान की जवाबी तैयारी

 * हवाई क्षेत्र बंद: अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान ने संक्षिप्त समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया था और अपनी मिसाइल यूनिट्स को 'हाई अलर्ट' पर रखा है।

 * धमकी: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।

विशेषज्ञों का विश्लेषण

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप फिलहाल "अधिकतम दबाव" (Maximum Pressure) की नीति अपना रहे हैं। USS अब्राहम लिंकन की उपस्थिति का मकसद ईरान को डराना और उसे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने से रोकना है। हालांकि, एक भी चूक इस क्षेत्र को एक भीषण पूर्ण-पैमाने के युद्ध (Full-scale War) में झोंक सकती है।


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