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खेल के मैदान पर 'वैभव': क्यों युवा स्टार ने छोड़ी 10वीं बोर्ड की परीक्षा?
यह खबर भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के प्रशंसकों के लिए काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। महज 14 साल की उम्र में अपनी बल्लेबाजी से दुनिया को चौंकाने वाले वैभव ने इस साल 10वीं बोर्ड (CBSE) की परीक्षा न देने का एक कठिन लेकिन साहसी निर्णय लिया है।
खेल के मैदान पर 'वैभव': क्यों युवा स्टार ने छोड़ी 10वीं बोर्ड की परीक्षा?
भारत के नए क्रिकेट सनसनी और समस्तीपुर (बिहार) के लाल वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है कि कभी-कभी बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कुछ रास्तों को फिलहाल के लिए छोड़ना पड़ता है। जहाँ 17 फरवरी 2026 से देशभर के लाखों छात्र सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षाओं में बैठने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं अंडर-19 वर्ल्ड कप के हीरो वैभव ने इस साल 'एग्जाम की पिच' के बजाय 'क्रिकेट की पिच' पर ही डटे रहने का फैसला किया है।
1. क्यों लिया यह बड़ा फैसला?
वैभव सूर्यवंशी का शेड्यूल पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यस्तताओं से भरा रहा है। उनके परिवार और स्कूल प्रशासन (मॉडेस्टी स्कूल, ताजपुर) के बीच हुई बातचीत के बाद यह साफ हो गया कि वैभव इस साल परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
* अधूरी तैयारी: अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए जिम्बाब्वे में होने और फिर लगातार ट्रेनिंग कैंपों की वजह से वैभव को स्कूल जाने या पढ़ाई करने का समय नहीं मिला। वह अधूरी तैयारी के साथ परीक्षा में नहीं बैठना चाहते थे।
* IPL 2026 की तैयारी: वैभव राजस्थान रॉयल्स (RR) के एक अहम खिलाड़ी हैं। आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से होनी है, और वह फिलहाल नागपुर के पास तालेगांव में राजस्थान रॉयल्स के प्री-सीजन कैंप में व्यस्त हैं।
* DY Patil टूर्नामेंट: आईपीएल से ठीक पहले वह मुंबई में प्रतिष्ठित डीवाई पाटिल टी20 टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले सकते हैं, जो उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा है।
2. एडमिट कार्ड आने के बाद बदला फैसला
हैरानी की बात यह है कि वैभव का परीक्षा फॉर्म भरा जा चुका था और समस्तीपुर के पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में उनका सेंटर भी अलॉट हो गया था। सोशल मीडिया पर उनके एडमिट कार्ड की खबरें भी वायरल हुई थीं। स्कूल के प्रिंसिपल ने उनके लिए विशेष व्यवस्था की बात भी कही थी, लेकिन वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने स्पष्ट कर दिया कि अभी पूरा फोकस केवल खेल पर है। वे नहीं चाहते कि परीक्षा के दबाव में वैभव की ट्रेनिंग प्रभावित हो।
3. रिकॉर्ड्स का बेताज बादशाह
वैभव का यह फैसला उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए तार्किक लगता है। उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को चैंपियन बनाया था। वह टूर्नामेंट के 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी रहे। उनके पास आईपीएल इतिहास का सबसे युवा खिलाड़ी होने और सबसे तेज शतक बनाने जैसे कई बड़े रिकॉर्ड्स पहले से ही हैं।
4. आगे क्या?
वैभव के कोच मनीष ओझा और उनके पिता का कहना है कि पढ़ाई भी उतनी ही जरूरी है, लेकिन इस साल का समय और अवसर क्रिकेट के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वैभव अगले साल (2027) अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे। फिलहाल उनका लक्ष्य आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करना है।
निष्कर्ष: वैभव सूर्यवंशी का यह कदम दर्शाता है कि आज के दौर में प्रोफेशनल स्पोर्ट्स में सफलता पाने के लिए किस स्तर के समर्पण और बलिदान की आवश्यकता होती है। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि परीक्षा छोड़ने का यह निर्णय उनके आईपीएल करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
