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पीएफ निकासी: अब क्लेम का झंझट खत्म, सीधे UPI से आएगा पैसा
ईपीएफओ (EPFO) के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए यह एक क्रांतिकारी बदलाव होने वाला है। अब पीएफ का पैसा निकालना उतना ही आसान हो जाएगा, जितना किसी को यूपीआई (UPI) से पैसे भेजना। केंद्र सरकार और श्रम मंत्रालय 'EPFO 3.0' प्रोजेक्ट के तहत इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में हैं।
पीएफ निकासी: अब क्लेम का झंझट खत्म, सीधे UPI से आएगा पैसा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट में लगने वाले 3 से 7 दिनों के समय को घटाकर कुछ मिनट या सेकंड करना है।
प्रमुख जानकारी और टाइमलाइन
* लॉन्च की तारीख: इस सुविधा को 1 अप्रैल 2026 तक रोलआउट करने का लक्ष्य रखा गया है।
* कैसे काम करेगा: सब्सक्राइबर्स अपने ईपीएफओ पोर्टल या ऐप पर जाकर अपनी 'एलिजिबल' राशि देख सकेंगे और UPI पिन डालकर उसे सीधे अपने लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे।
* निकासी की सीमा: नए नियमों के तहत आप अपनी पात्रता के अनुसार 100% तक एलिजिबल फंड निकाल सकेंगे (जो कुल जमा का लगभग 75% होता है)।
'फ्रीज' और 'अवेलेबल' फंड का नया नियम
सरकार ने आपकी रिटायरमेंट सुरक्षा और तात्कालिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के लिए फंड को दो हिस्सों में बांटा है:
* फ्रीज (सुरक्षित) हिस्सा: आपके कुल पीएफ कॉर्पस का 25% हिस्सा हमेशा 'फ्रीज' रहेगा। इसे आप नौकरी के दौरान नहीं निकाल पाएंगे ताकि रिटायरमेंट के लिए एक निश्चित राशि सुरक्षित रहे। इस पर पहले की तरह ब्याज (वर्तमान में 8.25%) मिलता रहेगा।
* अवेलेबल (उपलब्ध) हिस्सा: बाकी 75% हिस्सा आपके लिए 'अवेलेबल बैलेंस' के रूप में दिखेगा। इसे आप बीमारी, शिक्षा, शादी या घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए बिना किसी लंबी कागजी कार्रवाई के UPI के जरिए तुरंत निकाल सकेंगे।
इस सुविधा के 3 बड़े फायदे
* तत्काल भुगतान: अस्पताल या स्कूल फीस जैसे आपातकालीन समय में अब क्लेम अप्रूव होने का इंतजार नहीं करना होगा।
* दस्तावेजों से मुक्ति: 13 जटिल नियमों को खत्म कर अब केवल 3 आसान श्रेणियों (जरूरी जरूरतें, आवास, और विशेष परिस्थितियां) में बांट दिया गया है।
* पारदर्शिता: आप रियल-टाइम में देख पाएंगे कि आपके खाते में कितना पैसा निकासी के लिए उपलब्ध है।
जरूरी शर्तें (Checklist)
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके पास ये चीजें तैयार होनी चाहिए:
* आपका UAN एक्टिव होना चाहिए।
* UAN के साथ आधार, पैन और बैंक खाता लिंक (KYC) होना अनिवार्य है।
* आपका मोबाइल नंबर बैंक और EPFO दोनों में एक ही होना चाहिए जिस पर UPI सक्रिय हो।
निष्कर्ष
सरकार का यह कदम ईपीएफओ को एक आधुनिक डिजिटल बैंक की तरह बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। इससे न केवल भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि करोड़ों कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
