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प्रतिशोध की वीभत्स पराकाष्ठा: हैदराबाद में मंगेतर को HIV संक्रमित खून इंजेक्ट करने वाले सनकी की कर
प्रतिशोध की वीभत्स पराकाष्ठा: हैदराबाद में मंगेतर को HIV संक्रमित खून इंजेक्ट करने वाले सनकी की करतूत, पीड़िता ने की आत्महत्या
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की पवित्रता को शर्मसार कर दिया है। एक सनकी युवक ने 'तुम मेरी नहीं तो किसी की नहीं' की घातक मानसिकता के चलते अपनी मंगेतर को न केवल लाइलाज बीमारी के दलदल में धकेला, बल्कि उसे मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। यह घटना समाज में पनप रहे 'पजेशन' (स्वामित्व) और बदले की भावना के डरावने स्वरूप को उजागर करती है।
रिश्तेदारी से रंजिश तक का सफर
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी और पीड़िता आपस में रिश्तेदार थे। दोनों के परिवारों की रजामंदी से उनकी सगाई हुई थी और जल्द ही शादी होने वाली थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शादी से पहले होने वाली अनिवार्य या आकस्मिक जांच के दौरान पता चला कि आरोपी युवक स्वयं HIV संक्रमित है।
जैसे ही यह सच्चाई लड़की के परिवार के सामने आई, उन्होंने बेटी के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए शादी तोड़ दी। यही वह मोड़ था जहां से युवक के भीतर का अपराधी जाग उठा। उसने इसे अपनी हार और अपमान के रूप में लिया और मंगेतर से बदला लेने की साजिश रचने लगा।
11 मार्च: वह काला दिन जब इंसानियत हारी
आरोपी ने ठुकराए जाने के बाद एक ऐसी खौफनाक योजना बनाई जिसे सुनकर रूह कांप जाए। 11 मार्च को, युवक ने किसी बहाने से पीड़िता से संपर्क किया या उसके करीब पहुंचा। मौका पाकर उसने एक सीरिंज के जरिए अपना संक्रमित खून युवती के शरीर में इंजेक्ट कर दिया।
उसका मकसद साफ था—यदि वह युवती उससे शादी नहीं कर सकती, तो वह उसे स्वस्थ जीवन जीने के लायक भी नहीं छोड़ेगा। संक्रमित खून शरीर में पहुंचने का मतलब था युवती को जीते जी मौत के साये में धकेल देना।
लोकलाज और बीमारी का डर: पीड़िता ने दी जान
इस क्रूर हमले के बाद युवती गहरे सदमे और मानसिक अवसाद (Depression) में चली गई। एक तरफ लाइलाज बीमारी का डर और दूसरी तरफ समाज का कथित डर—इन दोनों के बोझ ने उसे भीतर से तोड़ दिया। लंबी मानसिक प्रताड़ना और भविष्य के अंधकार को देखते हुए, अंततः पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
उसकी मौत ने इस पूरे मामले को 'हत्या के समान' गंभीर बना दिया है। एक हसंती-खेलती जिंदगी को केवल इसलिए खत्म कर दिया गया क्योंकि उसने एक बीमार और सनकी व्यक्ति के साथ जीवन बिताने से इनकार कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पहलू
युवती की मौत के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक:
• आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
• इसमें जानबूझकर जानलेवा बीमारी फैलाना, गंभीर चोट पहुंचाना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराएं शामिल हो सकती हैं।
• पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने संक्रमित खून और सीरिंज का इंतजाम कैसे किया और क्या इस अपराध में कोई और भी शामिल था।
