• aayushfoundation@navnews.in

इंडिगो पर DGCA का 'सर्जिकल स्ट्राइक': ₹22.20 करोड़ का जुर्माना, यात्रियों की परेशानी पड़ी भारी

18-01-2026

विमानन नियामक DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। दिसंबर 2025 में मचे भारी हंगामे और उड़ानों के खराब प्रबंधन को लेकर इंडिगो पर करोड़ों का जुर्माना ठोक दिया गया है।

इंडिगो पर DGCA का 'सर्जिकल स्ट्राइक': ₹22.20 करोड़ का जुर्माना, यात्रियों की परेशानी पड़ी भारी

दिसंबर के महीने में खराब मौसम और तकनीकी कारणों का हवाला देकर इंडिगो ने जिस तरह से हजारों उड़ानें रद्द कीं, उसे DGCA ने "सिस्टम की विफलता" माना है।

जुर्माने और दंड का विवरण

 * नकद जुर्माना: ₹22.20 करोड़।

 * बैंक गारंटी: DGCA ने इंडिगो को ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का भी आदेश दिया है। यदि भविष्य में नियमों का उल्लंघन होता है, तो यह राशि जब्त कर ली जाएगी।

 * वजह: दिसंबर महीने के दौरान 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई, जिससे लगभग 3 लाख यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए।

DGCA की जांच में क्या कमियां मिलीं?

नियामक ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में इंडिगो के ऑपरेशनल स्ट्रक्चर की पोल खोल कर रख दी है:

 * संसाधनों का अंधाधुंध उपयोग: कंपनी ने अपनी क्षमता से अधिक उड़ानों की बुकिंग की, जबकि उनके पास पर्याप्त बैकअप विमान या स्टाफ मौजूद नहीं था।

 * तैयारी का अभाव: सर्दियों के मौसम (कोहरे) के लिए जरूरी 'कैट-III' प्रशिक्षित पायलटों और रोस्टर प्रबंधन में बड़ी लापरवाही मिली।

 * सॉफ्टवेयर की खामी: इंडिगो का क्रू मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और पैसेंजर नोटिफिकेशन सिस्टम समय पर अपडेट नहीं दे सका, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मची।

 * ऑपरेशनल कंट्रोल: हेडक्वार्टर और ग्राउंड स्टाफ के बीच समन्वय की भारी कमी पाई गई।

दिसंबर का वो 'काला हफ्ता' (डेटा एक नज़र में)

| श्रेणी | आंकड़े |

|---|---|

| कैंसिल फ्लाइट्स | 2,507 |

| देरी से चलने वाली फ्लाइट्स | 1,852 |

| प्रभावित यात्री | ~3,00,000 |

| सबसे ज्यादा प्रभावित रूट | दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता |

इंडिगो का पक्ष

इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा है कि वे DGCA के आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी ने माना कि अप्रत्याशित कोहरे और तकनीकी बाधाओं के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ा था। उन्होंने यात्रियों को रिफंड और भविष्य में बेहतर सेवा का आश्वासन दिया है।

निष्कर्ष

यह जुर्माना पूरी एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है। DGCA ने साफ कर दिया है कि मुनाफे के चक्कर में 'ऑपरेशनल स्ट्रक्चर' से समझौता करना और यात्रियों को उनके हाल पर छोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


Share This News On Social Media

Facebook Comments

Related News