Near Janipur Thana, Phulwari Sharif, Patna
'चूल्हा बुझ रहा है, अब सड़कों पर उतरें बहनें': गैस की बढ़ती कीमतों पर CM ममता का हल्ला बोल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को जैसे ही घरेलू सिलेंडर में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 के इजाफे की खबर आई, बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया। ममता बनर्जी ने इस वृद्धि को "आम आदमी की रसोई पर सर्जिकल स्ट्राइक" करार देते हुए देश भर की महिलाओं से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है।
मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है।
"लोग क्या खाएंगे और कैसे बनाएंगे?": ममता का सीधा सवाल
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बेहद तीखे लहजे में केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा:
> "आज गैस के दाम फिर बढ़ा दिए गए हैं। मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहती हूँ कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अब क्या खाएंगे और कैसे खाना बनाएंगे? क्या मोदी सरकार चाहती है कि लोग फिर से लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर लौट जाएं?"
>
ममता बनर्जी ने विशेष रूप से महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रसोई का बजट बिगड़ने का सबसे ज्यादा असर माँ-बहनों पर पड़ता है। उन्होंने अपील की कि महिलाओं को इस "अन्याय" के खिलाफ घर से बाहर निकलकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए ताकि सरकार को यह फैसला वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।
महंगाई का नया 'डेथ वारंट': दिल्ली से कोलकाता तक हाहाकार
आज हुई बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों में स्थिति गंभीर हो गई है। ममता बनर्जी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बंगाल जैसे राज्य में, जहाँ पहले से ही परिवहन लागत अधिक है, वहां यह बढ़ोतरी आम जनता की कमर तोड़ देगी।
* घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): दिल्ली में ₹913 और कोलकाता में ₹939 तक पहुँच गया है।
* कमर्शियल सिलेंडर (19 kg): दिल्ली में ₹1883 और कोलकाता में ₹1990 हो गया है।
* दोहरी मार: मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ बेरोजगारी बढ़ रही है और दूसरी तरफ बुनियादी जरूरतों (LPG) के दाम बढ़ाकर सरकार ने जनता को 'डेथ वारंट' थमा दिया है।
विपक्ष का एकजुट वार: केंद्र पर चौतरफा हमला
ममता बनर्जी के इस आह्वान के बाद केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
* कांग्रेस और AAP का रुख: विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार 'युद्ध' का बहाना बनाकर कंपनियों को मुनाफा कमाने की छूट दे रही है।
* सड़क से सदन तक विरोध: TMC ने घोषणा की है कि वे पूरे पश्चिम बंगाल में ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसमें पार्टी की महिला विंग (महिला तृणमूल कांग्रेस) मुख्य भूमिका निभाएगी।
निष्कर्ष: चूल्हे की आग अब सियासत की आग बनी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का यह बयान केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। ममता बनर्जी ने "रसोई और बजट" के मुद्दे को उठाकर सीधे महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कीमतें कम नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।
अब देखना यह होगा कि क्या ममता की इस अपील के बाद देशभर में महिलाएं सड़कों पर उतरती हैं और क्या सरकार इस दबाव में आकर कीमतों में कोई कटौती करती है।
