• aayushfoundation@navnews.in

सावधान! वॉट्सएप पर आया एक APK फाइल आपका बैंक अकाउंट कर सकता है साफ, देशभर में अलर्ट जारी

28-02-2026

सावधान! वॉट्सएप पर आया एक APK फाइल आपका बैंक अकाउंट कर सकता है साफ, देशभर में अलर्ट जारी

नई दिल्ली | 28 फरवरी, 2026

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां बैंकिंग और भुगतान चुटकियों में हो जाते हैं, वहीं साइबर अपराधी भी उतने ही शातिर हो गए हैं। हाल के दिनों में पूरे देश में साइबर फ्रॉड का एक ऐसा खतरनाक तरीका सामने आया है, जो केवल एक क्लिक में आपके जीवनभर की कमाई उड़ा सकता है। साइबर सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञों ने इस नए 'APK फाइल स्कैम' को लेकर देशभर में हाई अलर्ट जारी किया है।

कैसे बुना जा रहा है धोखाधड़ी का जाल?

साइबर अपराधी अब सीधे कॉल करने के बजाय आपके वॉट्सएप (WhatsApp) को हथियार बना रहे हैं। जालसाजी का तरीका बेहद मनोवैज्ञानिक और लुभावना है:

 * लुभावना मैसेज: आपको एक अनजान नंबर या कभी-कभी किसी परिचित के हैक किए गए अकाउंट से मैसेज आता है। इसमें 'क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स', 'मुफ्त रिचार्ज' या 'सरकारी सब्सिडी' का लालच दिया जाता है।

 * APK फाइल का खेल: मैसेज के साथ एक फाइल अटैच होती है, जिसके अंत में .apk लिखा होता है। आपसे कहा जाता है कि अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स को कैश में बदलने के लिए इस 'रिवॉर्ड ऐप' को तुरंत इंस्टॉल करें।

 * इंस्टॉल होते ही खेल खत्म: जैसे ही आप इस फाइल पर क्लिक करके इसे इंस्टॉल करते हैं, आप अनजाने में अपराधी को अपने फोन का पूरा एक्सेस (Control) दे देते हैं।

फोन हैक होने पर क्या-क्या हो सकता है?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह APK फाइल वास्तव में एक 'मैलेशियस सॉफ्टवेयर' (Malware) है। एक बार इंस्टॉल होने के बाद यह आपके फोन में निम्नलिखित तबाही मचा सकता है:

 * बैंक अकाउंट खाली: यह ऐप आपके फोन के मैसेज (SMS) पढ़ने की अनुमति ले लेता है। जब अपराधी आपके खाते से पैसे निकालने की कोशिश करता है, तो आपके फोन पर आने वाला OTP (वन टाइम पासवर्ड) सीधे उसके पास पहुंच जाता है और आपको पता भी नहीं चलता।

 * सोशल मीडिया का दुरुपयोग: यह वायरस आपके वॉट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम का कंट्रोल ले सकता है। इसके बाद आपके ही अकाउंट से आपके दोस्तों और रिश्तेदारों को अश्लील मैसेज या आपत्तिजनक सामग्री भेजी जा सकती है, जिससे आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो सकती है।

 * निजी डेटा की चोरी: आपके फोन की गैलरी, कॉन्टैक्ट्स और कॉल रिकॉर्ड्स अपराधियों के सर्वर पर अपलोड हो जाते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद में आपको ब्लैकमेल करने के लिए किया जा सकता है।

साइबर एक्सपर्ट्स की 'गोल्डन गाइडलाइंस'

इस खतरे से बचने के लिए सुरक्षा विशेषज्ञों ने कुछ कड़े सुझाव दिए हैं:

 * अनजान फाइल को 'ना' कहें: वॉट्सएप पर किसी भी ऐसी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें जिसके अंत में .apk लिखा हो, चाहे वह किसी भरोसेमंद व्यक्ति ने ही क्यों न भेजी हो (हो सकता है उनका फोन पहले ही हैक हो चुका हो)।

 * केवल ऑफिशियल स्टोर्स का प्रयोग: कोई भी ऐप केवल 'Google Play Store' या 'Apple App Store' से ही डाउनलोड करें। सेटिंग्स में जाकर "Install from Unknown Sources" के विकल्प को हमेशा बंद रखें।

 * फॉरवर्ड न करें: अगर आपको ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज मिलता है, तो उसे दूसरों को फॉरवर्ड न करें। उसे तुरंत डिलीट करें और भेजने वाले नंबर को रिपोर्ट/ब्लॉक करें।

 * टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) हमेशा ऑन रखें।

अगर गलती से क्लिक हो जाए तो क्या करें?

यदि आपने अनजाने में ऐसी कोई ऐप इंस्टॉल कर ली है, तो घबराएं नहीं, तुरंत ये कदम उठाएं:

 * अपने फोन का इंटरनेट/वाईफाई तुरंत बंद कर दें।

 * फोन को फैक्ट्री रिसेट (Factory Reset) करें ताकि वायरस पूरी तरह निकल जाए।

 * किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से अपने सभी बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड बदलें।

 * तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

याद रखें: आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। डिजिटल युग में 'लालच' ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है।


Share This News On Social Media

Facebook Comments

Related News