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बिहार की ऊंची उड़ान: सोनपुर में बनेगा एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक, A380 भी भर सकेंगे हुंक
बिहार की ऊंची उड़ान: सोनपुर में बनेगा एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक, A380 भी भर सकेंगे हुंकार
बिहार के विकास पथ पर एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (20 फरवरी, 2026) में सारण जिले के सोनपुर में एक भव्य ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। यह न केवल बिहार का सबसे बड़ा, बल्कि देश के पांच सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा।
इस मेगा प्रोजेक्ट की घोषणा के साथ ही उत्तर बिहार और विशेषकर सारण प्रमंडल के लोगों में भारी उत्साह है।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं: एक नजर में
सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। इसके तकनीकी पहलू इसे वैश्विक पटल पर खास बनाते हैं:
* विशाल क्षेत्रफल: यह एयरपोर्ट 4,228 एकड़ भूमि पर फैला होगा। तुलना के लिए, पटना का वर्तमान जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट मात्र 250 एकड़ में सिमटा है।
* लोकेशन: यह हवाई अड्डा हाजीपुर और डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में स्थित होगा। यह पटना से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर गंगा के उत्तरी छोर पर होगा।
* रनवे की ताकत: यहां 4,200 मीटर (4.2 किमी) लंबा रनवे प्रस्तावित है। यह इतना आधुनिक और मजबूत होगा कि दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान Airbus A380 और बड़े मालवाहक विमान (Cargo Planes) यहां आसानी से लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगे।
* बजट और समयसीमा: राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 1,302 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इस एयरपोर्ट को पूरी तरह क्रियाशील कर दिया जाए।
क्यों पड़ी सोनपुर में इतने बड़े एयरपोर्ट की जरूरत?
पटना का मौजूदा एयरपोर्ट अपनी सीमाओं (Constraints) के कारण बड़े विमानों के लिए उपयुक्त नहीं है। वहां रनवे की लंबाई कम है और आसपास घनी आबादी होने के कारण विस्तार की संभावनाएं सीमित हैं।
* पटना पर दबाव कम करना: पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। सोनपुर एयरपोर्ट शुरू होने से पटना, हाजीपुर, छपरा, वैशाली और मुजफ्फरपुर के यात्रियों को एक विश्वस्तरीय विकल्प मिलेगा।
* सीधी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी: वर्तमान में बिहार के लोगों को लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली या कोलकाता जाना पड़ता है। 4.2 किमी लंबे रनवे के साथ, अब अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों के लिए सीधी उड़ानें सोनपुर से संभव होंगी।
* कार्गो हब: उत्तर बिहार के कृषि उत्पादों (जैसे लीची, केला और मखाना) को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुँचाने के लिए यहां एक अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल भी बनाया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास और रोजगार की नई उम्मीद
सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बिहार के लिए 'गेम चेंजर' बताया है। इस प्रोजेक्ट से न केवल यातायात सुधरेगा, बल्कि:
* सोनपुर और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट की कीमतों में उछाल आएगा।
* हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
* पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यह स्थान विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले और वैशाली के करीब है।
निष्कर्ष: बदलता बिहार, बढ़ता बिहार
सोनपुर एयरपोर्ट का निर्माण बिहार को वैश्विक विमानन मानचित्र (Global Aviation Map) पर मजबूती से स्थापित करेगा। नोएडा (जेवर) और नवी मुंबई एयरपोर्ट्स की तर्ज पर बन रहा यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट उत्तर बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखता है। 2030 का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी और बजट आवंटन ने इसकी नींव मजबूत कर दी है।
