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ट्रंप का वीजा स्ट्राइक: 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर अनिश्चितकालीन रोक, जानें क्या है 'पब्लिक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सख्त 'अमेरिका फर्स्ट' (America First) एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए इमिग्रेशन और वीजा नियमों पर बड़ा प्रहार किया है। ट्रंप प्रशासन ने 75 देशों के नागरिकों के लिए सभी प्रकार की वीजा प्रोसेसिंग को तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है।
ट्रंप का वीजा स्ट्राइक: 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग पर अनिश्चितकालीन रोक, जानें क्या है 'पब्लिक चार्ज' नियम
अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) ने एक महत्वपूर्ण मेमो जारी किया है, जिसमें 21 जनवरी 2026 से 75 देशों के लिए सभी प्रकार के वीजा (पर्यटक, बिजनेस, छात्र और इमिग्रेंट) की प्रोसेसिंग को रोकने का आदेश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अमेरिका में उन लोगों के प्रवेश को रोकना है जो भविष्य में अमेरिकी सरकार पर आर्थिक बोझ (Public Charge) बन सकते हैं।
प्रमुख देश जो इस सूची में शामिल हैं
हालांकि 75 देशों की पूरी सूची लंबी है, लेकिन इसमें कुछ प्रमुख नाम ये हैं:
* रूस, ईरान, ब्राजील, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, थाईलैंड, इराक, मिस्र और सोमालिया।
* इसमें अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे देशों को विशेष रूप से 'हाई-रिस्क' श्रेणी में रखा गया है।
क्या है 'पब्लिक चार्ज' (Public Charge) नियम?
ट्रंप प्रशासन ने काउंसलर अधिकारियों को 'इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट' (INA) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करने को कहा है।
* आर्थिक निर्भरता: अधिकारियों को उन आवेदकों को वीजा देने से मना करने का निर्देश दिया गया है जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे अमेरिका पहुँचकर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं (Welfare/Public Benefits) का लाभ लेंगे।
* जांच के मानक: अब आवेदकों की उम्र, स्वास्थ्य, वित्तीय स्थिति, शिक्षा और अंग्रेजी बोलने की क्षमता की कड़ी जांच होगी। यदि इनमें से किसी भी मोर्चे पर आवेदक कमजोर पाया गया, तो उसे 'पब्लिक चार्ज' मानकर वीजा खारिज कर दिया जाएगा।
इस रोक की मुख्य वजहें
* स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन: विदेश विभाग का कहना है कि वे मौजूदा स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं (Vetting Procedures) को फिर से देख रहे हैं ताकि किसी भी सुरक्षा चूक को रोका जा सके।
* सोमालिया में धोखाधड़ी का मामला: प्रशासन ने मिनेसोटा (USA) में हुए हालिया 'सोमाली-अमेरिकन' धोखाधड़ी घोटाले का हवाला दिया है, जहाँ सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगा था।
* राष्ट्रीय सुरक्षा: ट्रंप का मानना है कि तीसरे देश के नागरिकों का प्रवेश अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और संसाधनों के लिए खतरा हो सकता है।
इसका क्या असर होगा?
* अनिश्चितकालीन देरी: यह रोक 21 जनवरी से शुरू होकर तब तक जारी रहेगी जब तक विभाग नई स्क्रीनिंग गाइडलाइंस तैयार नहीं कर लेता।
* परिवारों का अलग होना: इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा धक्का लगा है जिनके परिवार के सदस्य इन 75 देशों में फंसे हैं और अमेरिका आने का इंतजार कर रहे थे।
* वैश्विक प्रतिक्रिया: ईरान और रूस ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया है, जबकि कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे 'नस्लवादी' नीति करार दिया है।
निष्कर्ष
ट्रंप प्रशासन का यह फैसला साफ करता है कि 2026 में अमेरिका की इमिग्रेशन नीति पूरी तरह बदल चुकी है। अब केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी जो आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र हों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें।
