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सुनीता विलियम्स का संन्यास: 608 दिन और अनगिनत रिकॉर्ड्स के साथ एक युग का अंत
भारतीय मूल की दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा (NASA) से अपनी 27 साल लंबी और शानदार पारी को विराम दे दिया है। नासा ने आज, 21 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर उनके रिटायरमेंट की घोषणा की, जो 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गया है।
सुनीता विलियम्स का रिटायरमेंट न केवल एक करियर का अंत है, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के एक सुनहरे अध्याय का समापन भी है।
सुनीता विलियम्स का संन्यास: 608 दिन और अनगिनत रिकॉर्ड्स के साथ एक युग का अंत
60 वर्षीय सुनीता विलियम्स वर्तमान में भारत के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने इस बड़े फैसले के बारे में बात की। उनके नाम कुछ ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मानक रहेंगे।
करियर की 3 सबसे बड़ी उपलब्धियां
* अंतरिक्ष में दूसरा सबसे लंबा समय: अपने करियर के दौरान उन्होंने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। यह किसी भी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताया गया दूसरा सबसे लंबा संचयी (cumulative) समय है।
* स्पेसवॉक की क्वीन: सुनीता ने 9 बार में कुल 62 घंटे और 6 मिनट की स्पेसवॉक की। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा अंतरिक्ष में बिताया गया सबसे लंबा 'स्पेसवॉक टाइम' है। वैश्विक सूची में वे चौथे स्थान पर हैं।
* अंतरिक्ष में मैराथन: वह दुनिया की पहली ऐसी व्यक्ति हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में (ट्रेडमिल पर) मैराथन दौड़ पूरी की।
यादगार रहा आखिरी मिशन (2024-2025)
उनका अंतिम मिशन उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण और चर्चा में रहने वाला मिशन रहा:
* वह जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर (Starliner) के पहले चालक दल मिशन पर अंतरिक्ष गई थीं।
* तकनीकी खराबी के कारण केवल 8 दिन का मिशन 9 महीने (286 दिन) तक खिंच गया।
* विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अंततः मार्च 2025 में स्पेसएक्स (SpaceX) के कैप्सूल से सुरक्षित पृथ्वी पर लौटीं।
भारत से गहरा लगाव और सांस्कृतिक पहचान
भले ही सुनीता विलियम्स का जन्म अमेरिका में हुआ, लेकिन उनकी जड़ें गुजरात के झूलासन गांव से जुड़ी हैं।
* वह जब भी अंतरिक्ष गईं, अपने साथ भगवद गीता, भगवान गणेश की मूर्ति और समोसे लेकर गईं।
* उन्होंने अंतरिक्ष से दिवाली की शुभकामनाएं देकर करोड़ों भारतीयों का दिल जीता।
भविष्य की योजना: अगली पीढ़ी को तैयार करना
रिटायरमेंट के बाद भी सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष विज्ञान से पूरी तरह अलग नहीं होंगी। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अब नासा के आर्टेमिस मिशन (Artemis Mission) के लिए नए अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने और उन्हें चंद्रमा व मंगल की यात्रा के लिए तैयार करने में अपना योगदान देंगी।
निष्कर्ष
नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने उन्हें "मानव अंतरिक्ष उड़ान की अग्रणी" (Trailblazer) बताते हुए कहा कि उनके योगदान ने भविष्य के मिशनों की नींव रखी है। सुनीता विलियम्स ने साबित किया कि एक "घर की बेटी" ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने की ताकत रखती है।
