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ईरान में 'खूनी' संघर्ष: तेहरान के 6 अस्पतालों में ही 217 मौतें, इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप
ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने भयावह रूप ले लिया है। महंगाई, गिरती अर्थव्यवस्था और शासन के विरोध में भड़की यह चिंगारी अब एक बड़े मानवीय संकट में बदल गई है। तेहरान के अस्पतालों और मानवाधिकार संगठनों से मिल रही जानकारी के अनुसार स्थिति अत्यंत गंभीर है।
ईरान में 'खूनी' संघर्ष: तेहरान के 6 अस्पतालों में ही 217 मौतें, इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप
ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने विकराल रूप ले लिया है। टाइम (TIME) मैग्जीन की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राजधानी के केवल 6 अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों द्वारा सीधे असली गोला-बारूद (Live Ammunition) के इस्तेमाल के कारण हुई हैं।
प्रमुख घटनाक्रम: अब तक क्या हुआ?
* शवों को हटाने का आरोप: रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को अस्पतालों से शवों को अपने कब्जे में ले लिया ताकि मौतों के वास्तविक आंकड़े छिपाए जा सकें।
* निशाने पर युवा: मारे गए लोगों में बड़ी संख्या युवाओं की है। उत्तर तेहरान के एक पुलिस स्टेशन के बाहर मशीन गन से की गई फायरिंग में कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
* बजाज व्यापारियों से शुरुआत: यह आंदोलन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के 'ग्रैंड बाजार' के व्यापारियों द्वारा आर्थिक तंगी के खिलाफ शुरू किया गया था, जो अब पूरे देश के 31 प्रांतों में फैल चुका है।
प्रशासन का सख्त रुख और इंटरनेट ब्लैकआउट
ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं:
* डिजिटल सेंसरशिप: पूरे ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाओं को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया है, ताकि प्रदर्शनकारी आपस में संपर्क न कर सकें और हिंसा की तस्वीरें बाहर न जा सकें।
* 'मौत की सजा' की चेतावनी: तेहरान के अभियोजक ने घोषणा की है कि प्रदर्शनों में शामिल होने वालों पर 'ईश्वर के विरुद्ध युद्ध' (Enmity against God) का आरोप लगाया जा सकता है, जिसकी सजा मौत है।
* खामेनेई का बयान: सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को 'वंदल्स' (उपद्रवी) बताते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक इनके आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने इस अशांति के लिए अमेरिका (ट्रंप प्रशासन) को जिम्मेदार ठहराया है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और चिंता
* मानवाधिकार संगठन: एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य संस्थाओं ने पुष्टि की है कि सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों और मेटल पेलेट्स (छर्रों) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
* डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि "अमेरिका मदद के लिए तैयार है" और अगर दमन नहीं रुका, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
मौतों के आंकड़ों में अंतर
जहाँ टाइम मैग्जीन और स्थानीय सूत्र तेहरान में 217 मौतों की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ अन्य मानवाधिकार एजेंसियां (जैसे HRANA) पूरे देश में अब तक 116 मौतों की पुष्टि कर पाई हैं। यह अंतर इंटरनेट ब्लैकआउट और सरकार द्वारा सूचनाओं को दबाने के कारण हो सकता है।
निष्कर्ष
ईरान में 2022 के 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन के बाद यह सबसे बड़ी चुनौती है। इस बार मध्यम वर्ग और बाजार व्यापारी भी सड़कों पर हैं, जिससे शासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
