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अयोध्या में राम जन्मोत्सव: 5 मिनट का 'सूर्य अभिषेक' और 18 घंटे तक दर्शन

27-03-2026

अयोध्या में राम जन्मोत्सव: 5 मिनट का 'सूर्य अभिषेक' और 18 घंटे तक दर्शन

1. दर्शन का समय: श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

भीड़ के भारी अनुमान को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दर्शन की अवधि बढ़ा दी है:

 * दर्शन प्रारंभ: सुबह 5:00 बजे से।

 * दर्शन समापन: रात 11:00 बजे तक (श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर समय और बढ़ाया जा सकता है)।

 * अनुमानित भीड़: प्रशासन को उम्मीद है कि इस पावन अवसर पर करीब 10 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुँचेंगे।

2. सूर्य तिलक: विज्ञान और अध्यात्म का मिलन

रामनवमी का मुख्य आकर्षण दोपहर ठीक 12:00 बजे होने वाला 'सूर्य तिलक' होगा।

 * समय: दोपहर 12:00 बजे से करीब 4 मिनट तक।

 * प्रक्रिया: रुड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI) के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए 'ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम' के जरिए सूर्य की किरणें दर्पणों और लेंसों से परावर्तित होकर सीधे रामलला के मस्तक (ललाट) पर पड़ेंगी।

 * महत्व: यह दृश्य ऐसा प्रतीत होगा मानो स्वयं सूर्य देव अपने आराध्य का अभिषेक कर रहे हों।

3. गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान

जन्मोत्सव के समय मंदिर के गर्भगृह की पवित्रता और अनुष्ठान की भव्यता अद्वितीय होगी:

 * पुजारी: जन्म के शुभ मुहूर्त पर 14 विशेष आचार्य और पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे।

 * अनुष्ठान: विशेष षोडशोपचार पूजन, महाअभिषेक और छप्पन भोग के साथ रामलला की आरती की जाएगी।

 * प्रसारण: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रस्ट ने अपील की है कि लोग अपने घरों या अयोध्या में लगे 100 से अधिक एलईडी स्क्रीन्स पर इसका सीधा प्रसारण (Live Telecast) देखें।

4. सुरक्षा और सुविधाएं: 'यलो जोन' में अयोध्या

10 लाख लोगों के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और अयोध्या प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं:

 * यातायात: अयोध्या की ओर आने वाले सभी भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है।

 * हेल्पलाइन: श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह 'खोया-पाया' केंद्र और चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं।

 * तप्त कुंड और विश्राम: गर्मी को देखते हुए मुख्य मार्ग पर 'मेटिंग' (कालीन) बिछाई गई है और पेयजल की विशेष व्यवस्था है।

5. राम जन्मोत्सव का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में भगवान विष्णु ने राम रूप में अवतार लिया था। इस वर्ष रामलला अपने भव्य महल (मंदिर) में विराजमान हैं, इसलिए इस जन्मोत्सव का उत्साह कई गुना बढ़ गया है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में:

 * तारीख: 27 मार्च 2026 (रामनवमी)।

 * प्रमुख घटना: दोपहर 12:00 बजे सूर्य तिलक।

 * दर्शन अवधि: 18 घंटे (सुबह 5 से रात 11 बजे)।

 * सुरक्षा: पूरे मेला क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी।


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