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'नंदा देवी' की सुरक्षित वापसी: 46,500 टन गैस लेकर गुजरात पहुँचा जहाज

18-03-2026

पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका संघर्ष) के तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए राहत की एक और बड़ी खबर सामने आई है। 'शिवालिक' के बाद अब देश का दूसरा बड़ा एलपीजी टैंकर 'नंदा देवी' (जिसे कुछ रिपोर्टों में 'नंदी देवी' भी कहा गया है) सुरक्षित भारतीय तट पर पहुँच गया है।

'नंदा देवी' की सुरक्षित वापसी: 46,500 टन गैस लेकर गुजरात पहुँचा जहाज

1. आगमन का विवरण: 2:30 बजे की ऐतिहासिक डॉकिंग

भारतीय झंडे वाला एलपीजी जहाज 'नंदा देवी' 17 मार्च 2026 को तड़के करीब 2:30 बजे गुजरात के वाडिनार पोर्ट (देवभूमि द्वारका जिला) पहुँचा।

 * शिप-टू-शिप ट्रांसफर: यह एक 'मदर वेसल' है। गहरे समुद्र में एंकरेज क्षेत्र में MT BW Birch नामक छोटे जहाज के जरिए इससे गैस उतारी जा रही है (जिसे शिप-टू-शिप ट्रांसफर कहा जाता है)।

 * गंतव्य: यहाँ से गैस का कुछ हिस्सा तमिलनाडु के एन्नोर और पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट पर भेजा जाएगा।

2. 'शिवालिक' और 'नंदा देवी': आंकड़ों का गणित

पिछले 48 घंटों में भारत पहुँचे इन दो जहाजों ने देश की गैस आपूर्ति को बड़ी मजबूती दी है:

| जहाज का नाम | आगमन की तारीख | बंदरगाह | एलपीजी की मात्रा | घरेलू सिलेंडरों के बराबर |

|---|---|---|---|---|

| शिवालिक | 16 मार्च 2026 | मुंद्रा पोर्ट | ~46,212 मीट्रिक टन | लगभग 32.4 लाख |

| नंदा देवी | 17 मार्च 2026 | वाडिनार पोर्ट | ~46,500 मीट्रिक टन | लगभग 32.7 लाख |

| कुल योग | - | - | 92,712 मीट्रिक टन | ~65 लाख सिलेंडर |

> नोट: इन दो जहाजों में मौजूद गैस भारत की एक दिन की कुल एलपीजी आयात जरूरत के बराबर है।

3. 'होर्मुज का योद्धा': कैसे पार किया खतरनाक रास्ता?

दोनों जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पार किया, जो इस समय ईरान-अमेरिका युद्ध का केंद्र बना हुआ है।

 * डिजिटल डार्कनेस: रिपोर्टों के अनुसार, हमलों से बचने के लिए इन जहाजों ने अपना GPS (AIS) बंद कर दिया था और 'मैनुअल नेविगेशन' के जरिए सुरक्षित बाहर निकले।

 * नौसेना का कवच: भारतीय नौसेना और कूटनीतिक प्रयासों (ईरान के साथ बातचीत) ने इन जहाजों को 'सुरक्षित गलियारा' दिलाने में मदद की।

4. पैनिक बुकिंग पर लगाम

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 65 लाख से अधिक नए सिलेंडरों के बराबर गैस आने के बाद अब बाजार में किल्लत की कोई गुंजाइश नहीं है।

 * प्राथमिकता: सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं (घरेलू सिलेंडर) को सप्लाई दी जा रही है।

 * कालाबाजारी पर नजर: सरकार ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में कंट्रोल रूम बनाए हैं ताकि गैस की जमाखोरी रोकी जा सके।

निष्कर्ष: ऊर्जा सुरक्षा की जीत

'शिवालिक' और 'नंदा देवी' का सुरक्षित पहुँचना भारतीय कूटनीति की एक बड़ी जीत है। इसके अलावा, कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज 'जग लाडकी' भी जल्द ही भारत पहुँचने वाला है, जिससे पेट्रोल-डीजल की स्थिति भी सुधरेगी।


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