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ईरान जंग का विमानन क्षेत्र पर असर: 37 दिनों की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में आए अवरोध ने भारतीय विमानन क्षेत्र को ऐतिहासिक नुकसान पहुँचाया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से भारतीय और विदेशी एयरलाइंस को बड़े पैमाने पर अपनी उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।
ईरान जंग का विमानन क्षेत्र पर असर: 37 दिनों की रिपोर्ट
28 फरवरी से 5 अप्रैल 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा जोखिमों के कारण उड़ानों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
1. उड़ान रद्दीकरण के प्रमुख आंकड़े
कुल भारतीय उड़ानें रद्द: 28 फरवरी से 5 अप्रैल तक भारतीय एयरलाइंस की कुल 10,341 उड़ानें रद्द की गईं।
विदेशी एयरलाइंस: इसी अवधि के दौरान विदेशी कंपनियों ने 2,177 उड़ानें रद्द कीं।
दैनिक प्रभाव: केवल 5 अप्रैल (रविवार) को ही 284 भारतीय उड़ानें रद्द रहीं।
प्रभावित यात्री: इस संकट के कारण अब तक लगभग 10.79 लाख यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर असर पड़ा है।
2. NSOP और कनेक्टिविटी के प्रयास
हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के बावजूद, भारत सरकार और एयरलाइंस ने संपर्क बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया है:
NSOP ; चार्टर और विशेष उड़ानों (NSOP) के जरिए फंसे हुए यात्रियों को लाने का काम जारी है। 3 अप्रैल तक भारतीय एयरलाइंस ने 45 और विदेशी एयरलाइंस ने 18,924 गैर-अनुसूचित उड़ानें संचालित कीं।
भारतीयों की वापसी: अब तक 7.3 लाख से अधिक यात्रियों को सुरक्षित भारत लाया जा चुका है। 4 अप्रैल को ही 44 उड़ानों के जरिए 8,000 से अधिक भारतीय वापस लौटे।
3. परिचालन संबंधी चुनौतियां
रूट डायवर्जन: ईरान, इजराइल, जॉर्डन और इराक का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानों को मध्य एशिया (Central Asia) या अरब सागर के ऊपर से लंबे रास्तों से उड़ना पड़ रहा है।
फंसा हुआ विमान: एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान (VT-AXX) अभी भी तकनीकी और सुरक्षा कारणों से अबू धाबी में फंसा हुआ है।
बढ़ा हुआ खर्च: लंबे रूट के कारण ईंधन की खपत और परिचालन लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिससे टिकटों के दाम भी बढ़ गए हैं।
प्रमुख प्रभावित रूट्स
रूट | स्थिति | प्रभाव
| भारत - दुबई/दोहा | आंशिक परिचालन | सबसे व्यस्त रूट होने के कारण सबसे अधिक रद्दीकरण यहीं हुए। |
| भारत - यूरोप/अमेरिका | डायवर्टेड | उड़ानों के समय में 2 से 4 घंटे की वृद्धि हुई है। |
| भारत - ईरान/इजराइल | पूरी तरह निलंबित | इन देशों के लिए सीधी उड़ानें अभी भी बंद हैं। |
निष्कर्ष: नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। यद्यपि कुछ चुनिंदा गंतव्यों (जैसे मस्कट) के लिए सेवाएं बहाल की गई हैं, लेकिन पूर्ण परिचालन युद्ध की स्थिति और हवाई क्षेत्र खुलने पर ही निर्भर करेगा।
