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नूंह मेडिकल कॉलेज में हड़कंप: रेजिडेंशियल एरिया की पानी की टंकी में मिले 3 मृत बंदर

03-04-2026

नूंह स्थित **शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज (Nalhar Medical College)** के आवासीय परिसर में रहने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं है। पिछले कुछ दिनों से पानी में बदबू आने की शिकायतों के बाद जब पानी की टंकी की जांच की गई, तो उसमें **3 मृत बंदर** तैरते हुए मिले।

### **लापरवाही की इंतहा: दूषित पानी की सप्लाई**

 * **तीन इमारतों में सप्लाई:** यह टंकी परिसर की तीन बड़ी आवासीय इमारतों (Residential Blocks) को पानी सप्लाई करती है।

 * **उपयोग:** इन इमारतों में रहने वाले डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और उनके छोटे बच्चे पिछले कई दिनों से इसी दूषित पानी का उपयोग नहाने, कपड़े धोने और यहां तक कि खाना पकाने व पीने के लिए कर रहे थे।

 * **संक्रमण का खतरा:** पानी में शवों के सड़ने से बैक्टीरिया और घातक वायरस पनपने का खतरा बढ़ गया है। रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कई लोगों को पेट दर्द, खुजली और उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

### **स्वास्थ्य और स्वच्छता पर खड़े हुए बड़े सवाल**

इस घटना ने मेडिकल कॉलेज के प्रशासन और मेंटेनेंस विभाग (Public Health) की भारी लापरवाही को उजागर किया है:

 1. **टंकी का खुला होना:** आखिर पानी की मुख्य टंकी का ढक्कन खुला क्यों था या वह इतना असुरक्षित क्यों था कि उसमें बंदर गिर गए?

 2. **नियमित जांच का अभाव:** नियमों के अनुसार, सार्वजनिक और सरकारी परिसरों में पानी की टंकियों की सफाई और क्लोरीन लेवल की जांच हर महीने होनी चाहिए। क्या कॉलेज प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया?

 3. **सुरक्षा चूक:** बंदरों के गिरने के बाद कई दिनों तक किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी, जो दिखाता है कि मेंटेनेंस टीम अपने काम के प्रति कितनी उदासीन है।

### **निवासियों में भारी रोष और बीमारियों का डर**

कॉलेज परिसर में रहने वाले परिवारों में अब बीमारियों को लेकर भारी डर व्याप्त है।

 * **मांग:** रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे आवासीय परिसर के हेल्थ चेकअप की मांग की है।

 * **प्रशासनिक कार्रवाई:** सूत्रों के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन ने आनन-फानन में टंकी की सफाई के आदेश दिए हैं और वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की बात कही है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री और उच्च अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।

### **स्वास्थ्य संबंधी सलाह (Health Advisory)**

यदि आप या आपके परिचित इस परिसर में रहते हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

 * **पानी उबालकर पिएं:** सप्लाई का पानी फिलहाल सीधे इस्तेमाल न करें। इसे अच्छी तरह उबालने के बाद ही पिएं।

 * **हेल्थ चेकअप:** यदि परिवार के किसी सदस्य, विशेषकर बच्चों को बुखार, दस्त या त्वचा में संक्रमण के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 * **पानी के स्रोत की जांच:** घरों में लगे RO फिल्टर की भी सर्विसिंग करा लें, क्योंकि दूषित पानी से मेम्ब्रेन (Membrane) खराब हो सकती है।

**निष्कर्ष:** यह घटना हरियाणा के स्वास्थ्य संस्थानों के 'हाइजीन ऑडिट' (Hygiene Audit) की तत्काल आवश्यकता की ओर इशारा करती है। डॉक्टरों की सेहत से ऐसा समझौता पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।


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