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अल्ट्राटेक सीमेंट का बड़ा कदम: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी 'सनश्योर सोलरपार्क' में खरीदी 26% हिस्सेदारी
मुंबई/नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) ने अपनी ऊर्जा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़ी पैठ बनाई है। कंपनी ने सौर ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट प्राइवेट लिमिटेड (Sunsure Solarpark Thirty Eight Pvt Ltd) में 26.20% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक औपचारिक समझौता किया है।
आदित्य बिड़ला समूह की इस कंपनी का यह कदम न केवल पर्यावरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि बिजली की बढ़ती लागत को नियंत्रित करने की एक सोची-समझी व्यावसायिक रणनीति भी है।
सौदा और निवेश: ₹6.72 करोड़ की 'ग्रीन' डील
अल्ट्राटेक सीमेंट ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी (Regulatory Filing) में बताया कि यह अधिग्रहण कैश ट्रांजैक्शन के जरिए पूरा किया जाएगा।
* हिस्सेदारी: कंपनी सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट में 26.20% इक्विटी शेयर हासिल करेगी।
* निवेश राशि: इस हिस्सेदारी के लिए अल्ट्राटेक ₹6.72 करोड़ तक का निवेश करेगी।
* समय सीमा: कंपनी को उम्मीद है कि अगले 120 दिनों के भीतर इस सौदे की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।
महाराष्ट्र के धुले में लगेगा 'सोलर + बैटरी' प्रोजेक्ट
सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन और ट्रांसमिशन के क्षेत्र में काम करने वाला एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) है। इस डील के तहत जो प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, उसकी विशेषताएं इस प्रकार हैं:
* लोकेशन: यह सौर परियोजना महाराष्ट्र के धुले (Dhule) जिले में स्थापित की जा रही है।
* क्षमता: इस प्रोजेक्ट की क्षमता 21 MWp DC (14 MW AC) होगी।
* बैटरी स्टोरेज (BESS): इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसमें लगा इंटीग्रेटेड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम है, जो सौर ऊर्जा को स्टोर कर जरूरत के समय स्थिर बिजली सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
अल्ट्राटेक के लिए इसके क्या मायने हैं?
सीमेंट उत्पादन एक अत्यधिक ऊर्जा खपत (Energy Intensive) वाला उद्योग है। अल्ट्राटेक के इस निवेश के पीछे तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
* ग्रीन एनर्जी की जरूरत: कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना चाहती है।
* लागत में कमी: बाजार से महंगी बिजली खरीदने के बजाय खुद के 'कैप्टिव' प्रोजेक्ट से बिजली लेना लंबी अवधि में किफायती साबित होता है।
* नियामक अनुपालन (Compliance): बिजली कानूनों के तहत 'कैप्टिव कंजम्पशन' का लाभ लेने के लिए कंपनी को उस पावर प्रोजेक्ट में कम से कम 26% हिस्सेदारी रखनी अनिवार्य होती है।
[Table: अल्ट्राटेक सीमेंट का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो]
| पैरामीटर | विवरण |
| :--- | :--- |
| लक्ष्य कंपनी | सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट |
| निवेश | ₹6.72 करोड़ |
| हिस्सेदारी | 26.20% |
| प्रोजेक्ट स्थान | धुले, महाराष्ट्र |
| तकनीक | सोलर + बैटरी स्टोरेज |
निष्कर्ष: ESG लक्ष्यों की ओर बढ़ते कदम
अल्ट्राटेक सीमेंट का लक्ष्य 2050 तक अपनी कुल बिजली खपत का एक बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करना है। हाल ही में कंपनी ने AMPIN के साथ भी इसी तरह का एक समझौता (30 MW प्रोजेक्ट के लिए) किया था। ये छोटे-छोटे निवेश मिलकर अल्ट्राटेक को एक 'ग्रीन सीमेंट' कंपनी के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
