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बिटकॉइन का धमाका: 23 दिनों बाद फिर $91,000 के पार, क्या है इस तेजी का असली राज?

04-01-2026

बिटकॉइन का धमाका: 23 दिनों बाद फिर $91,000 के पार, क्या है इस तेजी का असली राज?

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin) ने एक बार फिर निवेशकों को चौंकाते हुए $91,000 (लगभग ₹76 लाख) का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। करीब 23 दिनों के लंबे इंतजार और भारी उतार-चढ़ाव के बाद बिटकॉइन ने इस ऊंचाई को छुआ है।

यह उछाल न केवल निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है, बल्कि इसके पीछे कुछ ठोस तकनीकी कारण और बाजार की स्थितियां भी जिम्मेदार हैं। आइए इस खबर का गहराई से विश्लेषण करते हैं।

तेजी का मुख्य कारण: 'लिक्विडेशन' का खेल

बाजार विशेषज्ञों और ऑन-चेन डेटा के अनुसार, बिटकॉइन की कीमतों में इस अचानक आई तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ 'शॉर्ट लिक्विडेशन' (Short Liquidation) का है।

> क्या होता है लिक्विडेशन? जब ट्रेडर्स यह अनुमान लगाते हैं कि कीमत गिरेगी (जिसे 'शॉर्ट करना' कहते हैं) और बाजार उनके विपरीत दिशा में यानी ऊपर की ओर चला जाता है, तो उनके पास मौजूद सौदे अपने आप बंद होने लगते हैं। इसे लिक्विडेशन कहते हैं।

'द कोबेइसी लेटर' (The Kobeissi Letter) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब बिटकॉइन की कीमत ने $91,000 के स्तर को चुनौती दी, तो मात्र एक घंटे के भीतर ट्रेडर्स ने लगभग 60 मिलियन डॉलर (करीब ₹500 करोड़) मूल्य के बिटकॉइन के शॉर्ट पोजीशन (बिकवाली के सौदे) खो दिए। इस भारी लिक्विडेशन ने बाजार में खरीदारी का दबाव पैदा किया, जिससे कीमतें तेजी से ऊपर की ओर भागने लगीं।

23 दिनों का लंबा संघर्ष और रिकवरी

पिछले तीन हफ्तों (23 दिनों) से बिटकॉइन $85,000 से $89,000 के बीच संघर्ष कर रहा था। इस दौरान बाजार में काफी अस्थिरता देखी गई। साल 2025 के अंत में कम लिक्विडिटी और साल के अंत की बिकवाली (Year-end sell-off) के कारण बिटकॉइन $90,000 के नीचे टिका हुआ था।

जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही बाजार में 'न्यू ईयर सेंटिमेंट' देखने को मिला है। निवेशकों ने नई रणनीतियों के साथ बाजार में प्रवेश किया है, जिससे मांग में वृद्धि हुई है। $91,000 का यह स्तर पार करना एक 'बुलिश' (तेजी) संकेत माना जा रहा है, क्योंकि अब यह पुराना रेजिस्टेंस (रुकावट) एक नए सपोर्ट (सहारा) में बदल सकता है।

विशेषज्ञों की राय और बाजार का मिजाज

क्रिप्टो एक्सचेंज 'Coinswitch' और 'Pi42' के विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली ने बाजार के मिजाज को 'डर' (Fear) से 'लालच' (Greed) की ओर मोड़ दिया है।

 * खरीदारों का बढ़ता विश्वास: $91,000 के स्तर को तोड़ना यह दर्शाता है कि अब खरीदार गिरावट का इंतजार करने के बजाय ऊंचे भाव पर भी खरीदारी करने को तैयार हैं।

 * ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स: अमेरिका में आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता ने भी बिटकॉइन को एक 'सुरक्षित संपत्ति' (Hedge against uncertainty) के रूप में पेश किया है। जब पारंपरिक शेयर बाजारों में अनिश्चितता होती है, तो अक्सर निवेशक गोल्ड या बिटकॉइन जैसे सीमित आपूर्ति वाले एसेट्स की ओर रुख करते हैं।

लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम में उछाल

इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में लगभग $180 मिलियन के फ्यूचर्स पोजीशन लिक्विडेट हुए हैं। इसमें से अधिकांश 'शॉर्ट' पोजीशन थीं। जब इतने बड़े पैमाने पर सौदे कटते हैं, तो बाजार में एक 'स्नोबॉल इफेक्ट' (Snowball Effect) पैदा होता है, जहां बढ़ती कीमतें और अधिक खरीदारी को ट्रिगर करती हैं।

क्या बिटकॉइन $100,000 की ओर बढ़ रहा है?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिटकॉइन अपना बहुप्रतीक्षित $100,000 का लक्ष्य हासिल कर पाएगा?

 * सकारात्मक संकेत: यदि बिटकॉइन अगले कुछ दिनों तक $91,000 के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो अगला लक्ष्य $94,000 और फिर $98,000 हो सकता है।

 * चुनौतियां: बाजार में अभी भी 'प्रॉफिट बुकिंग' (मुनाफा वसूली) का खतरा बना हुआ है। यदि $91,000 का स्तर टूटता है, तो कीमत वापस $88,000 तक गिर सकती है। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व (Fed) की ब्याज दरों से जुड़ी टिप्पणियां भी इस रैली पर ब्रेक लगा सकती हैं।

निष्कर्ष

बिटकॉइन का $91,000 पार करना केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह क्रिप्टो बाजार की परिपक्वता और मजबूती का प्रमाण है। 60 मिलियन डॉलर के लिक्विडेशन ने आग में घी का काम किया और कीमतों को नई ऊंचाई दी। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि क्रिप्टो बाजार अत्यंत अस्थिर होता है।

$91,000 के ऊपर की क्लोजिंग एक नए 'बुल रन' की शुरुआत हो सकती है, लेकिन सावधानी और रिसर्च हमेशा जरूरी है।


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