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इबोला का खतरा: भारत सरकार ने लॉन्च किया 'एयर सुविधा 2.0' पोर्टल, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नए नि

26-06-2026

वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और इबोला वायरस के बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के माध्यम से देश में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय ने संयुक्त रूप से Air Suvidha 2.0 (एयर सुविधा 2.0) पोर्टल को नए नियमों के साथ दोबारा लॉन्च कर दिया है।

कोरोना काल में पहली बार उपयोग में लाए गए इस पोर्टल को अब इबोला वायरस की रोकथाम के लिए अपग्रेड किया गया है। नए नियमों के तहत अब भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 'सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म' भरना अनिवार्य कर दिया गया है। आइए इस नई व्यवस्था, इसके कड़े नियमों और यात्रियों पर पड़ने वाले इसके प्रभाव का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

क्या है 'एयर सुविधा 2.0' और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

एयर सुविधा 2.0 एक डिजिटल हेल्थ सर्विलांस प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य भारत की सीमाओं (हवाई अड्डों) पर स्वास्थ्य संबंधी निगरानी को मजबूत करना है। अफ्रीका और दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों ने वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों को चिंता में डाल दिया है। इबोला एक अत्यंत संक्रामक और जानलेवा वायरस है, जिसका मृत्यु दर काफी अधिक है।

चूंकि भारत दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में से एक है, इसलिए वायरस को देश के भीतर प्रवेश करने से रोकने का एकमात्र तरीका हवाई अड्डों पर ही सख्त स्क्रीनिंग और ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से 'एयर सुविधा 2.0' को अधिक उन्नत और रिस्पॉन्सिव बनाया गया है।

नए दिशा-निर्देश: यात्रियों के लिए क्या हैं नियम?

भारत सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भारत आने वाले यात्रियों को निम्नलिखित कड़े नियमों का पालन करना होगा:

1. अनिवार्य सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म 

अब किसी भी देश से भारत आ रहे यात्री को एयर सुविधा 2.0 पोर्टल पर जाकर अपनी स्वास्थ्य स्थिति और यात्रा से जुड़ा एक स्व-घोषणा पत्र (सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म) ऑनलाइन भरना होगा। इसके बिना यात्रियों को भारत आने वाली उड़ानों में बोर्डिंग (चढ़ने) की अनुमति नहीं दी जाएगी।

2. 21 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री बताना जरूरी

इबोला वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड (लक्षण दिखने का समय) आमतौर पर 2 से 21 दिनों का होता है। इसीलिए, सरकार ने फॉर्म में पिछले 21 दिनों की विस्तृत ट्रैवल हिस्ट्री मांगना अनिवार्य कर दिया है। यात्री को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि पिछले तीन हफ्तों में उसने किन-किन देशों या शहरों की यात्रा की है।

3. संक्रमित देशों का विवरण

यात्रियों को फॉर्म में विशेष रूप से यह घोषणा करनी होगी कि क्या वे पिछले 21 दिनों के भीतर किसी ऐसे देश या क्षेत्र में गए थे या वहां से गुजरे थे, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन या भारत सरकार ने 'इबोला प्रभावित क्षेत्र' घोषित किया है।

4. 24 घंटे पहले भरने की समय-सीमा

महत्वपूर्ण समय-सीमा: यात्रियों को यह सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म अपनी निर्धारित यात्रा (फ्लाइट के प्रस्थान समय) से कम से कम 24 घंटे पहले एयर सुविधा 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन भरकर सबमिट करना होगा। फॉर्म जमा होने के बाद यात्रियों को एक यूनिक पावती मिलेगी, जिसे हवाई अड्डे पर दिखाना अनिवार्य होगा।

एयर सुविधा 2.0 की प्रमुख विशेषताएं और तकनीक

नया पोर्टल पुराने वर्जन की तुलना में काफी उन्नत है और इसे स्वास्थ्य विभाग के डेटाबेस से सीधे जोड़ा गया है:

• त्वरित क्यूआर कोड जनरेशन: फॉर्म भरने के तुरंत बाद यात्री के ईमेल पर एक क्यूआर कोड भेजा जाता है। हवाई अड्डे पर थर्मल स्क्रीनिंग के समय इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही यात्री की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने आ जाएगी।

• लक्षणों की रिपोर्टिंग: यदि किसी यात्री को बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हैं, तो उन्हें फॉर्म में इसका उल्लेख करना होगा ताकि भारत पहुंचते ही उन्हें आइसोलेशन या विशेष चिकित्सा निगरानी में भेजा जा सके।

• रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग: इस पोर्टल का डेटा राज्यों के स्वास्थ्य विभागों के साथ रीयल-टाइम साझा किया जाएगा। यदि कोई यात्री इबोला प्रभावित देश से आ रहा है, तो भारत में उसके गंतव्य वाले राज्य की स्वास्थ्य टीमें अगले 21 दिनों तक उस पर नजर रख सकेंगी।

यात्रियों के लिए आवश्यक सलाह

यदि आप या आपके कोई परिचित आने वाले दिनों में विदेश से भारत की यात्रा करने वाले हैं, तो किसी भी असुविधा से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

1. दस्तावेज तैयार रखें: फॉर्म भरते समय अपना पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट और पिछले 21 दिनों के वीज़ा स्टैम्प/यात्रा विवरण अपने पास रखें।

2. सटीक जानकारी दें: ट्रैवल हिस्ट्री या स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को छुपाना एक कानूनी अपराध माना जाएगा। गलत जानकारी देने पर यात्रियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई या क्वारंटाइन के नियम लागू हो सकते हैं।

3. समय का ध्यान रखें: अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों या सर्वर डाउन होने की समस्या से बचने के लिए फ्लाइट से ठीक 24 घंटे पहले ही पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित कर लें।

निष्कर्ष

इबोला वायरस के वैश्विक खतरे को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 'Air Suvidha 2.0' पोर्टल को लॉन्च करना एक बेहद सराहनीय और समयोचित कदम है। 21 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री और 24 घंटे पहले फॉर्म भरने की यह अनिवार्य व्यवस्था शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए थोड़ी असुविधाजनक लग सकती है, लेकिन देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक भयानक महामारी से सुरक्षित रखने के लिए यह सुरक्षा कवच बेहद जरूरी है। डिजिटल माध्यम से की जा रही यह निगरानी भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत और चुस्त बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगी।

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