Near Janipur Thana, Phulwari Sharif, Patna
दिल्ली यूनिवर्सिटी यूजी एडमिशन सत्र 2026-27: शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया, जानें CSAS पोर्टल, CUET स्कोर और री-
देश के सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) पाठ्यक्रमों में एडमिशन की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला पाने के लिए देश भर के लाखों छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलने वाली है।
इस वर्ष विश्वविद्यालय के 67 कॉलेजों में संचालित होने वाले 73 अलग-अलग यूजी प्रोग्राम्स में सीटें भरी जाएंगी। यदि आप भी इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी के किसी नामी कॉलेज जैसे सेंट स्टीफंस, हिंदू, मिरांडा हाउस या श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में पढ़ने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एडमिशन प्रक्रिया, पंजीकरण के चरण और आवश्यक नियमों को समझना बेहद जरूरी है। आइए इस पूरी प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण करते हैं।
1. दाखिले का एकमात्र आधार: सीयूईटी (यूजी)-2026
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला केवल और केवल CUET (UG)-2026 के स्कोर के आधार पर ही किया जाएगा।
• मेरिट का निर्धारण: अब 12वीं कक्षा के अंकों (बोर्ड परीक्षा के मार्क्स) के आधार पर सीधे कट-ऑफ लिस्ट जारी नहीं की जाती है। 12वीं के अंक केवल पात्रता मानदंड को पूरा करने के लिए जरूरी हैं, जबकि अंतिम मेरिट लिस्ट पूरी तरह से छात्र के सीयूईटी स्कोर पर निर्भर करेगी।
• समान अवसर: इस व्यवस्था से देश के विभिन्न शिक्षा बोर्डों (जैसे सीबीएसई, आईसीएसई, और विभिन्न राज्यों के बोर्ड) के छात्रों को समान अवसर मिलता है, क्योंकि सभी को एक ही प्रवेश परीक्षा के स्तर पर आंका जाता है।
2. सीएसएएस पोर्टल और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक CSAS (Common Seat Allocation System) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। यह पोर्टल डीयू में सीट आवंटन का मुख्य जरिया है।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
छात्रों को सीएसएएस पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए अपने CUET एप्लीकेशन नंबर का उपयोग करना होगा। जब आप अपना सीयूईटी एप्लीकेशन नंबर डालेंगे, तो आपकी अधिकांश बुनियादी जानकारी (जैसे नाम, फोटो और सीयूईटी में चुने गए विषय) स्वतः ही पोर्टल पर सिंक (लोड) हो जाएगी।
एडमिशन के मुख्य चरण:
सीएसएएस के माध्यम से दाखिला प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी होती है:
1. पोर्टल पर पंजीकरण : बुनियादी विवरण भरना और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना।
2. कॉलेज और प्रोग्राम की प्राथमिकताएं भरना : इस चरण में छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्स के कॉम्बिनेशन को वरीयता क्रम में चुनना होता है।
3. सीट आवंटन और प्रवेश : सीयूईटी स्कोर और भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर कंप्यूटर द्वारा स्वचालित रूप से सीटें आवंटित की जाती हैं।
3. 12वीं री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत
हर साल बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद कई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होते हैं और वे री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) या स्क्रूटनी के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे छात्रों को हमेशा यह डर सताता है कि कहीं उनके नए मार्क्स आने से पहले ही डीयू के आवेदन की तारीख न निकल जाए।
सत्र 2026-27 के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ऐसे छात्रों को एक बहुत बड़ी राहत दी है:
महत्वपूर्ण नियम: जिन छात्रों के 12वीं के परिणाम अभी री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया में हैं, वे आवेदन करते समय पोर्टल पर अपने पुराने मार्क्स (मौजूदा अंक) डाल सकते हैं।
पोर्टल लंबा खुला रहने का फायदा:
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीएसएएस पोर्टल का पहला चरण काफी लंबे समय तक खुला रहेगा। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यही है कि जब तक सीयूईटी के परिणाम घोषित नहीं हो जाते और विभिन्न बोर्डों के री-इवैल्यूएशन के नतीजे नहीं आ जाते, तब तक छात्रों को पर्याप्त समय मिल सके। बाद में छात्रों को अपने संशोधित या नए मार्क्स पोर्टल पर अपडेट करने का पूरा समय और विकल्प दिया जाएगा। इसलिए छात्रों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, वे अभी अपने वर्तमान अंकों के साथ पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।
4. डीयू के कॉलेज और प्रोग्राम्स का गणित
छात्रों के पास कला , वाणिज्य , विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों में से अपनी पसंद का करियर चुनने के व्यापक विकल्प मौजूद हैं।
5. आवेदन करते समय छात्र इन बातों का रखें विशेष ध्यान
डीयू एडमिशन प्रक्रिया में छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। इसलिए आवेदन करते समय निम्नलिखित सावधानियां जरूर बरतें:
• समान विषय कॉम्बिनेशन: छात्र ध्यान रखें कि वे सीयूईटी परीक्षा में उन्हीं विषयों में शामिल हुए हों जो उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़े हैं। डीयू के नियमानुसार, यदि आपने 12वीं में विज्ञान पढ़ा है और सीयूईटी में किसी ऐसे विषय की परीक्षा दी है जो 12वीं में आपके पास नहीं था, तो उस विषय के अंक डीयू की मेरिट के लिए मान्य नहीं होंगे।
• दस्तावेजों की वैधता: जाति प्रमाण पत्र (OBC-NCL, SC, ST, EWS) या खेल/सांस्कृतिक कोटा (Sports/ECA) के प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में और सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए होने चाहिए। विशेष रूप से ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र चालू वित्तीय वर्ष के होने अनिवार्य हैं।
• ईमेल और मोबाइल नंबर: रजिस्ट्रेशन के समय उपयोग किया गया ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए, क्योंकि भविष्य में सीट अलॉटमेंट, फीस पेमेंट और वेरिफिकेशन से जुड़े सभी अलर्ट इसी पर आएंगे।
निष्कर्ष: समय पर पूरी करें प्रक्रिया
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में सत्र 2026-27 के लिए स्नातक प्रवेश प्रक्रिया का आगाज हो चुका है। तकनीकी रूप से सुदृढ़ सीएसएएस पोर्टल और री-इवैल्यूएशन वाले छात्रों के लिए लाई गई उदार नीति यह दर्शाती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रक्रिया को छात्रों के लिए सुगम और तनावमुक्त बनाना चाहता है।
सभी इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और हड़बड़ी से बचने के लिए समय रहते सीएसएएस पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण पूरा कर लें। अपने सीयूईटी एप्लीकेशन नंबर को संभाल कर रखें और प्राथमिकताओं को भरते समय कॉलेजों और कोर्सेज का चयन बेहद समझदारी से करें। उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य के लिए सभी छात्रों को शुभकामनाएं!
