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भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद: 13 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

28-04-2026

अप्रैल 2026 की तपती दोपहरें और भीषण गर्मी ने पूरे भारत में आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से पिछले कई दिनों से लू (हीटवेव) की चपेट में हैं। तापमान के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग ने देश के 13 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

मौसम का बदलता मिजाज: अलर्ट की विस्तृत जानकारी

मौसम विभाग के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों के मौसम में बड़ा बदलाव होने वाला है। जिन 13 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम शामिल हैं।

मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 30 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं तो धूल भरी आंधी भी चलने की संभावना है।

राहत और चुनौतियां: तापमान पर असर

हालांकि, यह बारिश और आंधी-तूफान एक तरफ राहत लेकर आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में गर्मी का कहर अभी भी जारी रहेगा। विशेष रूप से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में लू की स्थिति से पूरी तरह निजात मिलने में अभी समय लगेगा। इन राज्यों के कुछ इलाकों में तापमान अभी भी चरम पर रहने की संभावना है।

IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जो लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से कुछ हद तक राहत देगी।

क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?

अप्रैल के अंत में तापमान का इस कदर बढ़ना जलवायु परिवर्तन और असामान्य मौसमी घटनाओं का संकेत है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल 'हीट डोम' जैसी स्थिति बनी है, जिसके कारण गर्म हवाएं एक ही स्थान पर फंस गई हैं और बाहर नहीं निकल पा रही हैं। पश्चिमी विक्षोभों के कमजोर होने और उनकी संख्या में कमी आने के कारण भी मैदानी इलाकों को वह जरूरी नमी और बारिश नहीं मिल पा रही है जो गर्मी को नियंत्रित रखती है।

प्रशासन की तैयारी और जनता के लिए सलाह

केंद्र सरकार ने हीटवेव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों को स्वास्थ्य संस्थानों में 'हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट' सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने भी लोगों को सलाह दी है:

• सावधानी बरतें: आंधी-तूफान के दौरान कमजोर संरचनाओं, पुराने पेड़ों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें।

• यात्रा में सतर्कता: यदि आप पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा कर रहे हैं, तो स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें, क्योंकि आंधी के दौरान भूस्खलन का खतरा हो सकता है।

• स्वास्थ्य का ध्यान: लू से बचने के लिए हाइड्रेटेड रहें, पर्याप्त पानी पिएं और दोपहर के समय सीधी धूप में निकलने से बचें।

• सूचना साझा करना: ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।

भविष्य का दृष्टिकोण

अगले 48 से 72 घंटे भारत के बड़े हिस्से के लिए महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के अनुसार, 28 अप्रैल से मौसम में आने वाला यह बदलाव उत्तरी भारत से शुरू होकर धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ेगा। यह बदलाव न केवल तापमान को कम करेगा, बल्कि वातावरण में मौजूद उमस को भी खत्म करेगा।

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