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ईरान युद्ध का असर: रसोई के बाद अब 'व्यापार' भी हुआ महंगा, कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 का तगड़ा झटका

07-03-2026

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में गहराते सैन्य संकट और ईरान के साथ बढ़ते युद्ध के तनाव ने भारतीय बाजारों में महंगाई की नई लहर पैदा कर दी है। घरेलू रसोई गैस की कीमतों में ₹60 की वृद्धि के बाद, अब व्यापारिक जगत के लिए भी बुरी खबर आई है। 7 मार्च 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो) की कीमतों में ₹114.50 से ₹115 तक का भारी इजाफा किया गया है।

यह बढ़ोतरी आज सुबह से ही पूरे देश में प्रभावी हो गई है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे फूड स्टाल चलाने वाले व्यापारियों के लिए यह एक बड़ा आर्थिक झटका है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस की कीमतों में यह लगातार तीसरी बड़ी वृद्धि है।

प्रमुख महानगरों में नई कीमतें: एक नजर में

तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा जारी की गई नई रेट लिस्ट के अनुसार, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में अब कमर्शियल सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं:

| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | कुल बढ़ोतरी (₹) |

|---|---|---|---|

| दिल्ली | 1,768.50 | 1,883 | 114.50 |

| मुंबई | 1,720.50 | 1,835 | 114.50 |

| कोलकाता | 1,875.50 | 1,990 | 114.50 |

| चेन्नई | 1,929.00 | 2,043.50 | 114.50 |

ईरान संकट और 'हॉर्मुज' का रास्ता: क्यों बढ़ रहे दाम?

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आए इस उछाल के पीछे मुख्य कारण ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ा संघर्ष है।

 * सप्लाई चेन बाधित: दुनिया का लगभग 20% एलएनजी (LNG) और कच्चा तेल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरता है। युद्ध के कारण इस रास्ते से होने वाली सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों में भारी उछाल आया है।

 * कतर और कुवैत का दबाव: खाड़ी देशों से गैस निर्यात में आ रही रुकावटों ने भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए इनपुट कॉस्ट बढ़ा दी है।

 * ऊर्जा सुरक्षा की चिंता: हालांकि भारत सरकार ने पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है, लेकिन वैश्विक कीमतों में आई 25% तक की तेजी को तेल कंपनियाँ अब उपभोक्ताओं पर पास करने लगी हैं।

आम जनता और व्यापारियों पर असर

कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का सीधा मतलब है कि अब बाहर खाना खाना और होम-डिलीवरी मंगाना महंगा हो जाएगा।

 * होटल-रेस्टोरेंट: लागत बढ़ने से थाली और फास्ट फूड की कीमतों में 5-10% की बढ़ोतरी की संभावना है।

 * मिठाई और कैटरिंग: शादी-विवाह के सीजन में हलवाइयों और कैटरर्स का बजट बिगड़ना तय है।

 * घरेलू बजट पर दबाव: ₹60 की वृद्धि के बाद दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अब ₹913 का हो गया है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का गणित गड़बड़ा गया है।

निष्कर्ष: महंगाई का 'ट्रिपल अटैक'

मार्च महीने के पहले सात दिनों के भीतर ही कमर्शियल गैस की कीमतों में कुल मिलाकर ₹142.50 (1 मार्च को ₹28 और 7 मार्च को ₹114.50) की बढ़ोतरी हो चुकी है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने के कारण अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।


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