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रांची: क्रेडिट कार्ड अपग्रेड के नाम पर ठगी, साइबर अपराधियों ने उड़ाए 1.34 लाख रुपये

17-04-2026

झारखंड की राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दीपाटोली में साइबर अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने क्रेडिट कार्ड अपग्रेड करने का झांसा देकर एक युवक, साकिब अहमद, के बैंक खाते से 1.34 लाख रुपये पार कर दिए। इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल सुरक्षा और अज्ञात फाइलों को डाउनलोड करने से जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है।

ठगी का तरीका: रिमोट एक्सेस का बिछाया जाल

साइबर अपराधियों ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद तकनीकी और शातिराना तरीका अपनाया। घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:

1. फर्जी बैंक अधिकारी: ठगों ने साकिब को फोन कर खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या उसे अपग्रेड करने का प्रलोभन दिया।

2. संदिग्ध फाइल (APK/Link): साकिब को विश्वास में लेने के बाद, अपराधियों ने उनके मोबाइल पर एक फाइल भेजी। दावा किया गया कि इस फाइल को इंस्टॉल करने के बाद ही अपग्रेड की प्रक्रिया पूरी होगी।

3. मोबाइल का रिमोट एक्सेस: जैसे ही साकिब ने उस फाइल को अपने फोन में खोला, अपराधियों ने उनके मोबाइल का 'रिमोट एक्सेस' हासिल कर लिया। इससे ठगों को साकिब के फोन की स्क्रीन, मैसेज और बैंकिंग ऐप्स का पूरा नियंत्रण मिल गया।

4. अवैध निकासी: मोबाइल का कंट्रोल मिलते ही ठगों ने साकिब के खाते से किस्तों में कुल 1.34 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली।

पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी जांच

पैसे कटने का मैसेज आने के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। रांची पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी सेल को जांच सौंप दी है। पुलिस उन आईपी एड्रेस (IP Address) और बैंक खातों को ट्रैक कर रही है, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की गई है।

साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी: अपराधी अक्सर 'AnyDesk', 'TeamViewer' या 'APK' फाइलों के जरिए आपके फोन का एक्सेस मांगते हैं। एक बार कंट्रोल मिलने पर वे आपके ओटीपी (OTP) भी पढ़ सकते हैं, जिससे बैंक अकाउंट खाली करना उनके लिए आसान हो जाता है।


इस तरह की ठगी से कैसे बचें?

साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इन सावधानियों को बरतना अनिवार्य है:

• अज्ञात फाइलें डाउनलोड न करें: कभी भी व्हाट्सएप या ईमेल पर आई किसी अनजान फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।

• बैंक कभी फोन नहीं करता: कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर क्रेडिट कार्ड अपग्रेड करने के लिए किसी ऐप या फाइल को इंस्टॉल करने के लिए नहीं कहता।

• स्क्रीन शेयरिंग से बचें: कॉल के दौरान किसी के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें, यह आपके फोन का रिमोट एक्सेस साझा कर सकता है।

• तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष: साकिब अहमद के साथ हुई यह घटना डिजिटल युग में एक बड़ी चेतावनी है। तकनीक जितनी हमारी सुविधा के लिए है, सावधानी न बरतने पर उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन जन-जागरूकता ही इस अपराध से बचने का सबसे प्रभावी हथियार है।

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