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ईरान-इजरायल युद्ध का 'इकोनॉमिक ब्लास्ट': पाकिस्तान में ₹321 के पार पेट्रोल, क्या भारत पर भी मंडरा रहा

07-03-2026

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी महाजंग अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई है। इस युद्ध की तपिश अब पड़ोसी देशों की जेबों को झुलसाने लगी है। जहाँ भारत में घरेलू गैस की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, वहीं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर 'पेट्रोल बम' फूट गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए भूचाल और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधित हुई सप्लाई के कारण पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है।

पाकिस्तान में हाहाकार: एक ही झटके में ₹55 की बढ़ोतरी

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने शुक्रवार देर रात तेल की कीमतों में भारी वृद्धि का ऐलान किया, जिसे 7 मार्च 2026 की सुबह से लागू कर दिया गया है।

 * पेट्रोल की नई कीमत: पाकिस्तान में पेट्रोल अब ₹55 महंगा होकर ₹321.17 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। (पुरानी कीमत ₹266.17 थी)।

 * डीजल के दाम: हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में भी ₹55 का इजाफा किया गया है, जिसके बाद इसकी नई कीमत ₹335.86 प्रति लीटर हो गई है।

 * जनता में भारी रोष: लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के पेट्रोल पंपों पर रात भर लंबी कतारें देखी गईं। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।

युद्ध का 'चेन रिएक्शन': क्यों महंगा हो रहा है तेल?

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है।

 * हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खतरा: दुनिया का लगभग एक-चौथाई तेल इसी रास्ते से गुजरता है। युद्ध की स्थिति में इस रास्ते के बंद होने या जहाजों पर हमलों के डर ने 'शिपिंग इंश्योरेंस' और तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है।

 * रूस-चीन का रुख: ईरान के खिलाफ पश्चिमी देशों की आक्रामक नीति के बीच रूस और चीन द्वारा तेल सप्लाई के समीकरणों में बदलाव ने भी बाजार को अस्थिर किया है।

 * पाकिस्तान की मजबूरी: पाकिस्तान अपनी तेल की जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है और उसका विदेशी मुद्रा भंडार पहले ही कमजोर स्थिति में है।

[Table: भारत बनाम पाकिस्तान - तेल और गैस की नई कीमतें]

| वस्तु | भारत (दिल्ली) | पाकिस्तान | स्थिति |

| :--- | :--- | :--- | :--- |

| पेट्रोल (प्रति लीटर) | ₹94 - ₹96 (स्थिर) | ₹321.17 | पाक में ₹55 की वृद्धि |

| डीजल (प्रति लीटर) | ₹87 - ₹89 (स्थिर) | ₹335.86 | पाक में ₹55 की वृद्धि |

| LPG (घरेलू) | ₹913 | - | भारत में ₹60 की वृद्धि |

भारत में स्थिति: 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी'

भारत सरकार ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि वैश्विक संकट का असर अब भारतीय सीमाओं में प्रवेश कर चुका है।

 * 25 दिनों का बैकअप: भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार है, लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार बना रहता है, तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को रोक पाना मुश्किल हो सकता है।

 * महंगाई का खतरा: पाकिस्तान में तेल की इस बढ़ोतरी से वहां माल ढुलाई और खाद्य पदार्थों के दाम 20% तक बढ़ने की आशंका है।

निष्कर्ष: दुनिया के लिए कठिन समय

ईरान युद्ध ने वैश्विक सप्लाई चेन की कमजोरी को उजागर कर दिया है। जहाँ पाकिस्तान जैसे देश 'इकोनॉमिक कोलैप्स' (आर्थिक पतन) की कगार पर पहुँच गए हैं, वहीं भारत जैसे मजबूत देशों के लिए भी अपनी विकास दर को महंगाई से बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है।


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