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उत्तर प्रदेश का 'महा-वृक्षारोपण अभियान 2026': 35 करोड़ पौधों के साथ हरित क्रांति का संकल्प
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 'वृहद पौधरोपण अभियान-2026' के तहत एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक सशक्त 'जन-आंदोलन' बनाने का आह्वान किया है।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं और रणनीतियाँ:
• लक्ष्य और दूरदर्शिता: राज्य का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हरित आवरण को 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत तक पहुँचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह लक्ष्य हर हाल में हासिल किया जाना है, जिससे प्रदेश को एक 'हरित क्रांति' की ओर ले जाया जा सके।
• व्यापक जनभागीदारी: इस अभियान को सफल बनाने के लिए छात्रों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
o आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका: 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत, हर आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम 05 सहजन के पौधे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
o छात्रों का योगदान: स्कूल और कॉलेजों के प्रत्येक छात्र को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
• वैज्ञानिक और तकनीकी निगरानी: इस वर्ष के अभियान को पूरी तरह से वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। पौधों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:
o डिजिटल मॉनिटरिंग: 'हरितima' ऐप, जीआईएस (GIS) मैपिंग और क्यूआर कोड-आधारित ट्रैकिंग का उपयोग किया जाएगा।
o नर्सरी प्रबंधन: प्रदेश में 1,935 मौजूदा विभागीय नर्सरियों के साथ-साथ 34 नई नर्सरियां भी स्थापित की गई हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
• संरक्षण और जीवितता : मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा है कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है; उनकी सुरक्षा और उन्हें जीवित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले वर्ष (2025) में पौधों की 80 प्रतिशत जीवितता दर दर्ज की गई थी, जिसे इस बार और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
• प्रमुख क्षेत्र: गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों और विभिन्न नदियों के तटों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, अयोध्या में रामायण काल से जुड़े पेड़ों को लगाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अतीत से प्रेरणा और भविष्य की तैयारी:
उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में वृक्षारोपण के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 से 2025 के बीच प्रदेश ने न केवल रिकॉर्ड संख्या में पौधे लगाए हैं, बल्कि राज्य के हरित आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की वृद्धि भी दर्ज की है। कार्बन स्टॉक में भी उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 30 मई तक अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है ताकि निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जा सके। यह महा-अभियान न केवल पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों के खिलाफ राज्य की तैयारियों को भी मजबूत करेगा।
