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योगी सरकार का 'एग-मार्किंग' फॉर्मूला: अब हर अंडे पर होगी एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम

17-03-2026

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए अंडा उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब यूपी में अंडों की खरीद-बिक्री के नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं।

योगी सरकार का 'एग-मार्किंग' फॉर्मूला: अब हर अंडे पर होगी एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम

भूमिका: सेहत से खिलवाड़ रोकने की तैयारी

बाजार में मिलने वाले अंडों की ताजगी और गुणवत्ता को लेकर अक्सर ग्राहकों के मन में संदेह रहता है। कई बार हफ्तों पुराने या कोल्ड स्टोरेज में रखे खराब अंडे ताजे बताकर बेच दिए जाते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालन और खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) के सहयोग से एक कड़ा फैसला लिया है। अब यूपी में बिकने वाले प्रत्येक अंडे पर उसकी 'जन्म कुंडली' अंकित होगी।

क्या है नया नियम? (1 अप्रैल 2026 से प्रभावी)

सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राज्य में अंडे बेचने वाले उत्पादकों और विक्रेताओं को निम्नलिखित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा:

 * लेड डेट (Laid Date): अंडे पर वह तारीख दर्ज होगी जिस दिन वह अंडा मुर्गी ने दिया है।

 * एक्सपायरी डेट (Expiry Date): अंडे के सुरक्षित उपभोग की अंतिम तिथि भी उस पर मुहर (Stamp) के रूप में अंकित की जाएगी।

 * मुहर की तकनीक: यह मुहर सुरक्षित खाद्य-ग्रेड स्याही (Food-grade ink) से लगाई जाएगी, जो सेहत को नुकसान नहीं पहुँचाती।

उपभोक्ताओं को कैसे होगा फायदा?

इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर तीन बड़े लाभ मिलेंगे:

 * ताजगी की पहचान: अब ग्राहकों को दुकानदार के भरोसे रहने की जरूरत नहीं होगी। वे खुद अंडे पर लगी मुहर देखकर यह जान सकेंगे कि अंडा कितना पुराना है।

 * बीमारियों से बचाव: पुराने या सड़े हुए अंडे खाने से होने वाली फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियों के खतरे में भारी कमी आएगी।

 * पारदर्शिता: यह कदम बाजार में पारदर्शिता लाएगा और घटिया माल बेचने वाले बिचौलियों पर लगाम लगाएगा।

उत्पादकों और दुकानदारों के लिए निर्देश

सरकार ने इस नियम को लागू करने के लिए 1 अप्रैल 2026 की समयसीमा तय की है।

 * तैयारी का समय: पोल्ट्री फार्म मालिकों और थोक विक्रेताओं को सलाह दी गई है कि वे मार्च के महीने में ही स्टैम्पिंग मशीनों और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर लें।

 * सख्ती और जुर्माना: 1 अप्रैल के बाद यदि बिना मुहर या गलत तारीख वाले अंडे बिकते पाए गए, तो संबंधित दुकानदार या फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पशुपालन और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई

इस अभियान को सफल बनाने के लिए पशुपालन विभाग पोल्ट्री फार्मों में मुहर लगाने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) की टीमें बाजारों में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य बने जहाँ 'क्वालिटी फूड' के मानकों का सबसे कड़ाई से पालन हो।

निष्कर्ष: 'स्वस्थ उत्तर प्रदेश' की ओर एक और कदम

योगी सरकार का यह फैसला न केवल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करता है, बल्कि पोल्ट्री उद्योग में भी अनुशासन पैदा करेगा। इससे अच्छी गुणवत्ता वाले अंडों की मांग बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर दाम मिल सकेगा। अंडे के शौकीनों के लिए अब 'संडे हो या मंडे, रोज खाओ (ताजे) अंडे' का नारा और भी सुरक्षित हो गया है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

 * नियम: अंडे पर लेड डेट और एक्सपायरी डेट अनिवार्य।

 * लागू होने की तिथि: 1 अप्रैल 2026।

 * राज्य: उत्तर प्रदेश।

 * उद्देश्य: खराब अंडों की बिक्री रोकना और उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा।


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