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PM मोदी का UAE को समर्थन: "भारत इस संकट में साथ खड़ा है", ईरान के हमलों पर जताई कड़ी नाराजगी

02-03-2026

PM मोदी का UAE को समर्थन: "भारत इस संकट में साथ खड़ा है", ईरान के हमलों पर जताई कड़ी नाराजगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 मार्च, 2026) की रात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से टेलीफोन पर बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा अपने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के जवाब में खाड़ी देशों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले की तीखी निंदा करते हुए UAE के प्रति भारत की अटूट एकजुटता व्यक्त की है।

बातचीत के मुख्य बिंदु: "मेरे भाई शेख मोहम्मद..."

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:

 * कड़ी निंदा और संवेदना: पीएम ने UAE के नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने हमलों में जान गंवाने वाले लोगों (जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं) के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

 * भारत की एकजुटता: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस कठिन समय में अपने रणनीतिक साझेदार UAE के साथ मजबूती से खड़ा है।

 * भारतीय समुदाय की सुरक्षा: UAE में करीब 35 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। पीएम ने राष्ट्रपति अल नाहयान को वहां रह रहे भारतीयों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष धन्यवाद दिया।

 * क्षेत्रीय शांति का आह्वान: भारत ने तनाव को कम करने (De-escalation) और पश्चिम एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने का समर्थन किया है।

तनाव की पृष्ठभूमि: क्यों हुए ये हमले?

 * ऑपरेशन एपिक फरी (Operation Epic Fury): शनिवार (28 फरवरी, 2026) को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में एक साझा सैन्य अभियान चलाकर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को मार गिराया।

 * ईरान का पलटवार: इसके जवाब में ईरान ने 'प्रतिशोध' की कार्रवाई करते हुए शनिवार और रविवार को UAE, बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नागरिक ठिकानों पर 165 बैलिस्टिक मिसाइलें और 541 ड्रोन दागे।

 * UAE में असर: यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अधिकांश खतरों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन मलबे गिरने से दुबई के Fairmont Hotel और Burj Al Arab के बाहरी हिस्सों में आग लग गई। इस हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 58 लोग घायल हुए हैं और 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह संकट?

 * नागरिकों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में 1 करोड़ से ज्यादा भारतीय रहते हैं। किसी भी बड़े युद्ध की स्थिति में उनकी सुरक्षा और वहां से निकासी (Evacuation) भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

 * ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर UAE और खाड़ी देशों पर निर्भर है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

 * कूटनीतिक संतुलन: भारत के ईरान के साथ भी ऐतिहासिक संबंध रहे हैं (चाबहार पोर्ट आदि), लेकिन इस बार सीधे तौर पर नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों ने भारत को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर किया है।

निष्कर्ष: शांति की अपील

प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल दिखाती है कि भारत वैश्विक मंच पर एक 'विश्व मित्र' की भूमिका निभा रहा है, जहाँ वह आतंकवाद और नागरिक हिंसा का विरोध करते हुए कूटनीति और संवाद के जरिए शांति बहाली की वकालत कर रहा है।


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