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18वीं बंगाल विधानसभा का आज से पहला सत्र

18-06-2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति और शासन व्यवस्था में पिछले महीने हुआ ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन अब आधिकारिक तौर पर विधायी पटल पर अपनी छाप छोड़ने जा रहा है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद आज यानी 18 जून 2026 से 18वीं राज्य विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो रहा है।

यह सत्र न केवल नई सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाले पहले पूर्ण बजट का गवाह भी बनेगा। 

1. सत्र की औपचारिक शुरुआत: राज्यपाल का अभिभाषण

संसदीय परंपराओं के अनुसार, आम चुनाव के बाद गठित होने वाली नई विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत बेहद औपचारिक और गरिमामय तरीके से होती है।

• राज्यपाल आरएन रवि का संबोधन: इस ऐतिहासिक सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से होगी। अपने इस भाषण में राज्यपाल नई सरकार के विजन, नीतियों और राज्य के विकास के लिए तैयार किए गए रोडमैप का खाका सदन के सामने रखेंगे।

• धन्यवाद प्रस्ताव: राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद सदन में धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच चर्चा होगी, जहां नई सरकार की नीतियों पर मंथन किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष के अनुसार, इस नए सदन में रचनात्मक आलोचना को पूरा स्थान दिया जाएगा।

2. दिवंगतों को श्रद्धांजलि: शोक प्रस्ताव

सत्र के दूसरे दिन, यानी शुक्रवार (19 जून) को सदन की कार्यवाही मुख्य रूप से उन पूर्व सदस्यों, महान हस्तियों और जननेताओं को समर्पित रहेगी जो अब हमारे बीच नहीं हैं।

• शोक प्रस्ताव : इस दिन दिवंगत हस्तियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बोस और विपक्ष के नेताओं सहित सदन के सदस्य दिवंगत आत्माओं को याद करेंगे और उनके योगदान की सराहना करेंगे। इस शोक सभा के बाद सामान्यतः उस दिन के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया जाता है।

3. 22 जून: नई सरकार का पहला पूर्ण बजट

इस पूरे विधानसभा सत्र का सबसे महत्वपूर्ण और प्रतीक्षित दिन 22 जून 2026 होगा। इस दिन राज्य की आर्थिक दिशा और नई प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा जाएगा।

• वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता पेश करेंगे बजट: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त वित्त मंत्री और प्रख्यात बुद्धिजीवी स्वप्न दासगुप्ता नई सरकार का पहला पूर्ण बजट सदन के पटल पर रखेंगे।

• बजट की संभावित प्राथमिकताएं: चूंकि राज्य में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है, इसलिए इस बजट में नई सरकार के चुनावी वादों की झलक साफ देखने को मिल सकती है। बुनियादी ढांचे का विकास , रोजगार सृजन, कृषि क्षेत्र में सुधार और उत्तर बंगाल के विकास के लिए विशेष बजटीय प्रावधानों की उम्मीद की जा रही है।

• चर्चा का समय: बजट पेश होने के बाद सदन में इस पर विस्तृत चर्चा के लिए करीब 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक बजट की बारीकियों पर अपनी राय रखेंगे।

सदन में इस बार विपक्ष की भूमिका में भी नया समीकरण देखने को मिल रहा है, जहां रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को विपक्ष के तौर पर मान्यता मिली है, जिससे सदन की कार्यवाही काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

5. सत्र का कार्यक्रम और रूपरेखा

इस पहले चरण के विधायी कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा सचिवालय ने एक व्यवस्थित टाइमलाइन तैयार की है:

• 18 जून: राज्यपाल आरएन रवि का अभिभाषण और धन्यवाद प्रस्ताव।

• 19 जून: दिवंगत नेताओं और हस्तियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव।

• 20 - 21 जून: सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) अवकाश।

• 22 जून: वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता द्वारा बजट प्रस्तुतीकरण।

• 23 - 24 जून: राज्यपाल के अभिभाषण और बजट प्रस्तावों पर बहस व वोटिंग।

• 25 जून: पहले चरण के समापन के बाद सदन की कार्यवाही को जुलाई की शुरुआत तक के लिए संक्षिप्त अवकाश पर स्थगित कर दिया जाएगा, जिसके बाद दूसरे चरण की शुरुआत होगी।

निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल की 18वीं विधानसभा का यह पहला सत्र केवल एक विधायी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह राज्य के इतिहास में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत है। राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से शुरू होकर वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता के बजट तक जाने वाला यह सफर यह तय करेगा कि नई सरकार राज्य की प्रशासनिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए क्या दृष्टिकोण रखती है। पूरे देश की नजरें इस समय कोलकाता की इस विधानसभा पर टिकी हैं, जहां आने वाले दिन बंगाल की नई नियति की रूपरेखा तैयार करेंगे।

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