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लद्दाख घूमने के लिए सरकार देगी ₹20000

18-06-2026

बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए 'सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026' को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बिहार के निवासियों को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बहने वाली पवित्र सिंधु नदी के दर्शन और यात्रा के लिए सरकार द्वारा बड़ी आर्थिक मदद दी जाएगी।

इसके साथ ही, राज्य में पर्यटन को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए कैबिनेट ने हेली टूरिज्म और एयर टूरिज्म योजना को भी हरी झंडी दिखा दी है। 

1. सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना 2026: मुख्य बातें

सिंधु नदी को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उद्गम माना जाता है। लद्दाख की खूबसूरत वादियों में हर साल 'सिंधु दर्शन उत्सव' का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने के लिए बिहार सरकार ने वित्तीय सहायता की घोषणा की है:

• आर्थिक सहायता (अनुदान): इस योजना के तहत यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का 50% (आधा खर्च) या अधिकतम ₹20,000 (बीस हजार रुपये) तक का अनुदान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

• कोटा (सीमित सीटें): योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से देने के लिए सरकार ने एक सीमा तय की है। हर साल बिहार के अधिकतम 100 तीर्थ यात्रियों को ही इस वित्तीय सहायता का लाभ मिल सकेगा। यदि आवेदकों की संख्या अधिक होती है, तो चयन लॉटरी या 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर किया जा सकता है।

लाभार्थी के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें

योजना का लाभ उठाने के लिए बिहार सरकार ने कुछ बुनियादी नियम और शर्तें तय की हैं:

1. मूल निवास: आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

2. आयु सीमा: इस यात्रा और सहायता का लाभ केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को ही मिलेगा।

3. स्वास्थ्य प्रमाण पत्र: लद्दाख एक अत्यधिक ऊंचाई वाला क्षेत्र है जहां ऑक्सीजन की कमी होती है। इसलिए, यात्रा पर जाने से पहले आवेदक को एक अधिकृत सरकारी डॉक्टर से अपनी फिटनेस का 'मेडिकल सर्टिफिकेट' जमा करना होगा।

2. बिहार में हेली टूरिज्म और एयर टूरिज्म को मंजूरी

धार्मिक यात्रा के साथ-साथ बिहार के पर्यटन विभाग ने राज्य के भीतर आधुनिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार अब राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक और दार्शनिक स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ने जा रही है।

• हेली टूरिज्म का उद्देश्य: बिहार में बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली और वाल्मीकि नगर जैसे कई वैश्विक पर्यटन स्थल हैं। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से विदेशी और घरेलू वीआईपी पर्यटक बेहद कम समय में इन सभी स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।

• कनेक्टिविटी और रोजगार: इस योजना के तहत पटना, गया और दरभंगा हवाई अड्डों के अलावा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल पर्यटन को रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पर्यटन विभाग के सचिव के अनुसार, सिंधु दर्शन योजना के लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहां इच्छुक नागरिक अपने आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और यात्रा टिकटों के साथ आवेदन कर सकेंगे। यात्रा पूरी होने और सत्यापन के बाद अनुदान की राशि खाते में भेज दी जाएगी।

4. इन फैसलों का सामाजिक और धार्मिक महत्व

बिहार सरकार के इन दोहरे फैसलों का राज्य की जनता और अर्थव्यवस्था पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है:

• सांस्कृतिक जुड़ाव: सिंधु दर्शन योजना के माध्यम से बिहार के लोगों को देश के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र (लद्दाख) की संस्कृति को जानने और राष्ट्र की प्राचीन सिंधु सभ्यता से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

• बिहार की छवि में बदलाव: हेली और एयर टूरिज्म के शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार की छवि एक आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त पर्यटन राज्य के रूप में उभरेगी। विशेषकर बौद्ध सर्किट का दर्शन करने आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए यह सेवा मील का पत्थर साबित होगी।

निष्कर्ष

बिहार सरकार द्वारा 'सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026' और 'हेली टूरिज्म' को मंजूरी देना राज्य के विकास के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। जहां एक ओर सरकार बुजुर्गों और इच्छुक नागरिकों को उनके धार्मिक और आध्यात्मिक सपनों को पूरा करने के लिए वित्तीय मदद दे रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और आधुनिक विमानन सेवाओं को बढ़ाकर राज्य के आर्थिक विकास का रास्ता साफ कर रही है। आने वाले समय में ये योजनाएं बिहार के पर्यटन क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं।

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