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पीएनजी (PNG) अपनाओ, इनाम पाओ: नए नियम और ऑफर्स

28-03-2026

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पीएनजी (PNG) अपनाओ, इनाम पाओ: नए नियम और ऑफर्स

1. आकर्षक ऑफर्स और 'फ्री' गैस

विभिन्न सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए विशेष स्कीम शुरू की हैं:

 * ₹500 की फ्री गैस: IGL (Indraprastha Gas Limited) और GAIL जैसी कंपनियां नए पीएनजी कनेक्शन लेने और 31 मार्च 2026 से पहले इस्तेमाल शुरू करने वाले ग्राहकों को ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस दे रही हैं।

 * सिक्योरिटी फीस में छूट: मुंबई में MGL ने ₹500 के रजिस्ट्रेशन शुल्क को माफ कर दिया है, जबकि कई शहरों में कमर्शियल कनेक्शन के लिए लगने वाली भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी बड़ी राहत दी गई है।

 * ₹1 प्रतिदिन योजना (IGL): दिल्ली और एनसीआर में IGL ने 'फिक्स्ड डेली चार्ज' (FDC) स्कीम के तहत ₹1/दिन (+GST) का विकल्प दिया है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हो सके।

2. 3 महीने का अल्टीमेटम: 'स्विच' करें या LPG खोएं

सरकार ने 'नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' के तहत एक सख्त नियम लागू किया है:

 * अनिवार्य माइग्रेशन: जिन इलाकों में पीएनजी की पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के उपभोक्ताओं को 90 दिनों (3 महीने) के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।

 * LPG कनेक्शन बंद: यदि आप नोटिफाई किए जाने के बाद भी 3 महीने में स्विच नहीं करते हैं, तो आपका मौजूदा एलपीजी (सिलेंडर) कनेक्शन स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।

 * दोहरा कनेक्शन प्रतिबंधित: कानूनन अब आप एक ही पते पर पीएनजी और एलपीजी दोनों नहीं रख सकते। यदि आपके पास दोनों हैं, तो आपको तुरंत एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा।

3. हाउसिंग सोसायटियों (RWAs) के लिए सख्त निर्देश

अक्सर देखा गया है कि सोसायटियां पाइपलाइन बिछाने में अड़ंगा डालती हैं। नए नियमों के अनुसार:

 * 3 दिन की समयसीमा: हाउसिंग सोसायटियों या आरडब्ल्यूए (RWA) को पाइपलाइन बिछाने की अनुमति 3 कार्य दिवसों के भीतर देनी होगी।

 * डीम्ड अप्रूवल: यदि स्थानीय अधिकारी या सोसायटियां समय पर अनुमति नहीं देते हैं, तो उसे 'डीम्ड अप्रूवल' (स्वतः स्वीकृत) मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा।

4. पीएनजी क्यों है बेहतर?

 * सस्ता और सुरक्षित: एलपीजी की तुलना में पीएनजी लगभग 15-20% सस्ती पड़ती है। यह हवा से हल्की होती है, इसलिए लीकेज होने पर तेजी से हवा में मिल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है।

 * 24x7 सप्लाई: सिलेंडर बुक करने या खत्म होने का झंझट खत्म। पाइप से गैस 24 घंटे उपलब्ध रहती है।

 * कोई हेरफेर नहीं: इसमें मीटर लगा होता है, इसलिए आप जितना उपयोग करते हैं, केवल उतने का ही बिल आता है (जैसे बिजली का बिल)।

निष्कर्ष: संकट को अवसर में बदलना

वित्त मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि इस कदम से भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी। जहाँ पीएनजी उपलब्ध है, वहाँ इसे अनिवार्य करके सरकार एलपीजी सिलेंडरों को उन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजना चाहती है जहाँ पाइपलाइन नहीं पहुँच सकती।

याद रखें: यदि आपके इलाके में आईजीएल (IGL) या अडानी गैस की पाइपलाइन आ चुकी है, तो 31 मार्च से पहले रजिस्ट्रेशन कराकर आप ₹500 की छूट का लाभ उठा सकते हैं।


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