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युद्ध का खूनी हिसाब: हताहतों का विवरण (9 मार्च 2026)
मिडिल ईस्ट में जारी यह महायुद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुँच गया है। 9 मार्च 2026 तक की रिपोर्टों के अनुसार, मरने वालों का कुल आंकड़ा 1,640 के पार पहुँच चुका है, जो इस सदी के सबसे भीषण सैन्य संघर्षों में से एक बनता जा रहा है।
युद्ध का खूनी हिसाब: हताहतों का विवरण (9 मार्च 2026)
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों (UN और रेड क्रेसेंट) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
* ईरान: यहाँ सबसे ज्यादा तबाही हुई है। अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,230 से 1,300 के बीच लोगों की मौत हुई है। इसमें बड़ी संख्या में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर और नागरिक शामिल हैं।
* लेबनान: दक्षिणी लेबनान और बेरुत में इजरायली एयर स्ट्राइक की वजह से 394 से 397 लोग मारे गए हैं। इनमें 80 से अधिक बच्चे शामिल हैं।
* इजरायल: ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण इजरायल में अब तक 13 से 15 मौतें (सैनिक और नागरिक मिलाकर) रिपोर्ट की गई हैं।
* अमेरिका: अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने पुष्टि की है कि 7 अमेरिकी सैनिक इस युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 6 सैनिक कुवैत में हुए ड्रोन हमले में शहीद हुए थे।
ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury)
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को खत्म करने के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था।
* ट्रंप का दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से बयान जारी कर कहा है कि "ईरान का शासन ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है।" उनका दावा है कि ईरान के 1,000 से ज्यादा सामरिक ठिकानों को तबाह किया जा चुका है।
* अयातुल्ला खामेनेई की मौत: युद्ध के शुरुआती दिनों में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर ने ईरान को झकझोर दिया था।
मुजतबा खामेनेई: नया नेतृत्व और 'आर-पार' की जंग
ईरान ने झुकने के बजाय संघर्ष को और तेज करने का फैसला किया है:
* नया सुप्रीम लीडर: खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है।
* कड़ा संदेश: मुजतबा ने कार्यभार संभालते ही इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों की '29वीं लहर' भेजने का आदेश दिया है।
* धमकी: इजरायल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे मुजतबा खामेनेई को भी अपना अगला निशाना बनाएंगे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रहार
इस युद्ध की आग ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है:
* कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के पार चली गई हैं।
* शेयर बाजार: आज सुबह (9 मार्च) भारतीय और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं।
निष्कर्ष: मानवता के लिए संकट
जहाँ एक तरफ नेता अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, वहीं धरातल पर तबाही का मंजर डराने वाला है। लेबनान से 5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं और तेहरान के अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं।
