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लेबनान में महाविनाश: 400 के करीब मौतें, बच्चों पर सबसे ज्यादा मार
लेबनान में पिछले एक सप्ताह से जारी इजरायली एयर स्ट्राइक ने भारी तबाही मचाई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा 9 मार्च 2026 तक जारी आंकड़ों के अनुसार, यह संघर्ष अब एक गंभीर मानवीय संकट का रूप ले चुका है।
लेबनान में महाविनाश: 400 के करीब मौतें, बच्चों पर सबसे ज्यादा मार
बेरुत: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री राकन नासरुद्दीन ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि पिछले सोमवार (2 मार्च) से शुरू हुए इजरायली हमलों में अब तक 394 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा आज सुबह हुई नई स्ट्राइक्स के बाद 400 के पार पहुँचने की आशंका है।
हताहतों का दर्दनाक विवरण
युद्ध की सबसे डरावनी तस्वीर मासूम बच्चों और महिलाओं की मौतों से उभर रही है:
* बच्चे: कुल मौतों में 83 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, घायलों में भी 254 से अधिक बच्चे हैं।
* महिलाएं: अब तक 42 महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है।
* घायल: पूरे देश में 1,130 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक है।
* बचावकर्मी: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इजरायली हमलों में 9 बचावकर्मी और पैरामेडिक्स भी मारे गए हैं, जो एम्बुलेंस और राहत कार्यों के दौरान निशाना बने।
इजरायल की चेतावनी: "लितानी नदी के उत्तर में जाएं"
इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिण लेबनान के निवासियों के लिए अपनी चेतावनी को और कड़ा कर दिया है:
* निकासी का आदेश: IDF के प्रवक्ता कर्नल अविचाई अदराई ने अरबी भाषा में संदेश जारी कर कहा कि लितानी नदी के दक्षिण में रहने वाले सभी नागरिक तुरंत अपने घर खाली कर दें और उत्तर की ओर चले जाएं।
* कारण: इजरायल का दावा है कि हिजबुल्लाह इन रिहायशी इलाकों का इस्तेमाल रॉकेट लॉन्च पैड और हथियारों के भंडारण के लिए कर रहा है।
* बड़े पैमाने पर विस्थापन: संयुक्त राष्ट्र और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 4,20,000 लोग दक्षिण लेबनान से पलायन कर चुके हैं। सड़कों पर मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
बेरुत के दिल पर पहली बार हमला
इस युद्ध में एक नया मोड़ तब आया जब रविवार को इजरायल ने मध्य बेरुत (Central Beirut) के एक होटल को निशाना बनाया।
* यह पहली बार है जब इजरायल ने बेरुत के दक्षिणी उपनगरों (Dahiyeh) के बाहर शहर के केंद्र में हमला किया है।
* इस हमले में 4 लोगों की मौत हुई है। इजरायल का दावा है कि इस होटल में ईरानी कमांडर्स और हिजबुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी छिपे हुए थे।
अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को नुकसान
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली बमबारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी नहीं बख्शा है:
* 5 अस्पताल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
* सुरक्षा खतरों के कारण कई मेडिकल सेंटर्स को अपना काम बंद करना पड़ा है।
* दक्षिण और पूर्वी लेबनान (बेका घाटी) में बिजली और पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है।
निष्कर्ष: 'नो सेफ प्लेस'
लेबनान के आम नागरिकों के लिए अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है। जहाँ एक तरफ इजरायल हिजबुल्लाह को खत्म करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ मासूमों की बढ़ती संख्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है।
