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एपस्टीन फाइल्स का नया धमाका: मोना यूल का इस्तीफा और 1 करोड़ डॉलर का रहस्य

10-02-2026

जेफरी एपस्टीन का काला साया एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में हलचल मचा रहा है। इस बार इसकी गाज नॉर्वे की वरिष्ठ राजनयिक और जॉर्डन में तैनात राजदूत मोना यूल (Mona Juul) पर गिरी है। एपस्टीन फाइल्स में नाम आने और भारी वित्तीय लेनदेन के खुलासे के बाद मोना यूल का इस्तीफा न केवल नॉर्वे, बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका है।

एपस्टीन फाइल्स का नया धमाका: मोना यूल का इस्तीफा और 1 करोड़ डॉलर का रहस्य

जब 2019 में अमेरिकी अरबपति और सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की जेल में कथित तौर पर आत्महत्या की थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि उसकी मौत के सात साल बाद भी उसके 'संपर्कों' की सूची दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों के करियर तबाह करती रहेगी। नॉर्वे की दिग्गज राजनयिक मोना यूल का ताजा इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि एपस्टीन का जाल कितना गहरा और विवादास्पद था।

1. कौन हैं मोना यूल?

मोना यूल कोई साधारण राजनयिक नहीं हैं। उन्हें नॉर्वे के सबसे सम्मानित और अनुभवी कूटनीतिज्ञों में गिना जाता है।

 * ओस्लो समझौता: मोना यूल और उनके पति टेरजे रोड-लार्सन (Terje Rød-Larsen) ने 1990 के दशक में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच ऐतिहासिक 'ओस्लो शांति समझौते' को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 * संयुक्त राष्ट्र में भूमिका: वह संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की स्थायी प्रतिनिधि रह चुकी हैं और वर्तमान में जॉर्डन में राजदूत के पद पर तैनात थीं।

   इतने बड़े कद वाली महिला का नाम एक यौन अपराधी के साथ जुड़ना नॉर्वे की विदेश नीति के लिए एक शर्मनाक स्थिति बन गया है।

2. विवाद की शुरुआत: सस्पेंशन से इस्तीफे तक

मोना यूल के खिलाफ कार्रवाई अचानक नहीं हुई। कुछ समय पहले 'एपस्टीन फाइल्स' के नए पन्ने सार्वजनिक हुए, जिनमें मोना यूल और उनके पति के एपस्टीन के साथ नजदीकी संपर्कों का जिक्र था।

 * निलंबन (Suspension): जैसे ही ये दस्तावेज सामने आए, नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने पारदर्शिता का हवाला देते हुए उन्हें जॉर्डन में राजदूत के पद से निलंबित कर दिया।

 * इस्तीफा: आंतरिक जांच और सार्वजनिक दबाव के बीच, मोना यूल ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने बयान में स्वीकार किया कि इन विवादों के बीच उनका पद पर बने रहना देश के हितों के लिए ठीक नहीं है।

3. वसीयत का सनसनीखेज खुलासा: 1 करोड़ डॉलर का सच

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ वह 'वसीयत' है, जो एपस्टीन ने अपनी मौत से ठीक दो दिन पहले तैयार की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक:

 * ट्रस्ट फंड: एपस्टीन ने अपनी वसीयत में मोना यूल और उनके पति टेरजे रोड-लार्सन के बच्चों के लिए 1 करोड़ डॉलर (करीब 84 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि छोड़ी थी।

 * अस्पष्ट संबंध: सवाल यह उठ रहा है कि एक अमेरिकी अपराधी ने नॉर्वे के राजनयिकों के बच्चों को इतनी बड़ी राशि क्यों दी? क्या यह किसी पुरानी मदद का इनाम था या किसी गुप्त सौदेबाजी का हिस्सा?

 * पति का संबंध: मोना के पति टेरजे रोड-लार्सन ने पहले ही स्वीकार किया था कि उन्होंने एपस्टीन से 6.5 लाख डॉलर का व्यक्तिगत कर्ज लिया था, जिसे लेकर उन्हें 2020 में अपने थिंक-टैंक (IPI) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब यह नई राशि इस मामले को और भी गंभीर बना देती है।

4. कूटनीतिक गरिमा पर दाग

एक राजदूत किसी भी देश का चेहरा होता है। मोना यूल का नाम एपस्टीन जैसे व्यक्ति के साथ जुड़ने से कई सवाल खड़े होते हैं:

 * राष्ट्रीय सुरक्षा: क्या एपस्टीन जैसे लोग अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ताओं और कूटनीतिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए इन संबंधों का इस्तेमाल कर रहे थे?

 * नैतिकता: एक ऐसे अपराधी से आर्थिक लाभ लेना, जो नाबालिगों के यौन शोषण और तस्करी में लिप्त था, किसी भी लोक सेवक के लिए अनैतिक है।

 * नॉर्वे की छवि: नॉर्वे खुद को शांति और मानवाधिकारों का ध्वजवाहक मानता है। यूल के इस विवाद ने नॉर्वे की इस वैश्विक छवि को गहरा नुकसान पहुँचाया है।

5. एपस्टीन फाइल्स का व्यापक असर

मोना यूल अकेली ऐसी हस्ती नहीं हैं जिनका करियर एपस्टीन की वजह से खत्म हुआ। उनसे पहले ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स जैसे नाम भी इस दलदल में फंस चुके हैं।

हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर भी इसी तरह के विवाद (पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति) के कारण इस्तीफे के दबाव में हैं। ऐसा लगता है कि 2026 में एपस्टीन की फाइल्स का "दूसरा अध्याय" खुल रहा है, जो दुनिया भर की सत्ता संरचनाओं को हिला कर रख देगा।

6. भविष्य की जांच

नॉर्वे का विदेश मंत्रालय अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि क्या मोना यूल ने अपनी आधिकारिक स्थिति का इस्तेमाल एपस्टीन को किसी तरह का लाभ पहुँचाने के लिए किया था। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या वह 1 करोड़ डॉलर की राशि कभी यूल के परिवार तक पहुँची या वह अभी भी कानूनी दांव-पेंच में फंसी है।

निष्कर्ष

मोना यूल का पतन एक चेतावनी है कि अतीत की गलतियां, चाहे वे कितनी भी प्रभावशाली क्यों न हों, कभी न कभी सामने आ ही जाती हैं। ओस्लो समझौते की नायिका के रूप में विख्यात रहीं मोना यूल के करियर का अंत एक अपराधी के साथ उनके संबंधों की भेंट चढ़ गया। यह घटना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में पारदर्शिता और शुचिता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।


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