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ईंधन पर राहत: पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती
1. कटौती के मुख्य आंकड़े
सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) में प्रति लीटर ₹10 की कमी की है:
| ईंधन | पुरानी ड्यूटी (प्रति लीटर) | नई ड्यूटी (प्रति लीटर) | कुल कटौती |
| पेट्रोल | ₹13 | ₹3 | ₹10 |
| डीजल | ₹10 | शून्य (0) | ₹10 |
यह बदलाव 27 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है।
2. सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं:
* वैश्विक संकट: ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के कारण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे कच्चा तेल $120 प्रति बैरल के पार पहुँच गया था।
* उपभोक्ताओं को सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें 30-50% तक बढ़ गई हैं। सरकार ने जनता पर इस बोझ को डालने के बजाय खुद के राजस्व (Tax Revenue) में कटौती करना बेहतर समझा।
* महंगाई पर लगाम: डीजल की कीमतें सीधे तौर पर माल ढुलाई और खेती की लागत को प्रभावित करती हैं। डीजल पर ड्यूटी शून्य करने से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
3. क्या पेट्रोल पंप पर कीमतें कम होंगी?
यहाँ एक तकनीकी पेंच है जिसे समझना जरूरी है:
* कंपनियों का घाटा: अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने लंबे समय से दाम नहीं बढ़ाए थे, जिससे उन्हें प्रति लीटर ₹24-30 का घाटा हो रहा था।
* कीमतें स्थिर रहेंगी: विशेषज्ञों का मानना है कि इस ड्यूटी कटौती का उपयोग तेल कंपनियां अपने घाटे (Under-recoveries) को पाटने के लिए करेंगी। यानी, पंप पर कीमतें तुरंत कम होने की संभावना कम है, लेकिन यह कटौती भविष्य में होने वाली बड़ी कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने का काम करेगी।
* निजी कंपनियां: नायरा एनर्जी जैसे निजी रिटेलर्स ने हाल ही में कीमतों में ₹3 से ₹5 की बढ़ोतरी की थी, यह कटौती उन्हें वापस पटरी पर लाने में मदद करेगी।
4. विमानन ईंधन (ATF) और निर्यात कर (Export Tax)
जहाँ घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, वहीं सरकार ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं:
* विंडफॉल टैक्स: डीजल और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर क्रमशः ₹21.5 और ₹29.5 प्रति लीटर का टैक्स लगाया गया है ताकि घरेलू बाजार में तेल की कमी न हो।
* ATF ड्यूटी: घरेलू विमानन ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी को संशोधित कर प्रभावी दर ₹29.5 प्रति लीटर तय की गई है।
निष्कर्ष: एक 'बोल्ड' कूटनीतिक कदम
सरकार का यह निर्णय करीब ₹1.5 लाख करोड़ के राजस्व का बोझ डालेगा, लेकिन युद्ध के समय में देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए इसे एक 'साहसी' कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय नागरिकों को 'एनर्जी सिक्योरिटी' देने के लिए प्रतिबद्ध है।
