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दिल्ली-यूपी-बिहार में 11 जून से झमाझम बारिश

10-06-2026

उत्तर भारत में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, एक नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से जल्द ही दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में झुलसाने वाली गर्मी से निजात मिलेगी और अच्छी बारिश का दौर शुरू होगा।

मौसम विभाग की इस चेतावनी, बारिश की तारीखों और प्रभावित होने वाले राज्यों का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:

1. मौसम बदलने का मुख्य कारण: 'चक्रवाती परिसंचरण'

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के वायुमंडल में एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है जो भीषण गर्मी पर लगाम लगाएगा:

• पंजाब-हरियाणा पर चक्रवात: 11 जून से पंजाब और हरियाणा के वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं।

• अरब सागर से नमी: यह चक्रवातीय सिस्टम अरब सागर से आने वाली नम हवाओं को अपनी ओर खींचेगा, जिससे मैदानी इलाकों में घने बादलों की आवाजाही शुरू होगी।

• बदलाव का समय: इस मौसमी सिस्टम का असर 11 जून की रात से ही दिखाई देने लगेगा, जब तेज हवाओं के साथ मौसम का मिजाज पलटना शुरू होगा।

2. शुक्रवार से इन राज्यों में होगी 'झमाझम' बारिश

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद शुक्रवार (12 जून) से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ मानूसन-पूर्व की अच्छी बारिश होने की संभावना है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले राज्य इस प्रकार हैं:

• दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में धूल भरी आंधी चलने और उसके बाद मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।

• उत्तर प्रदेश और बिहार: यूपी के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों सहित बिहार के कई जिलों में शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे किसानों को धान की बुवाई की तैयारियों में मदद मिलेगी।

• पंजाब और हरियाणा: चूंकि चक्रवात का केंद्र इन्हीं राज्यों के ऊपर बन रहा है, इसलिए पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।

• राजस्थान और मध्य प्रदेश: राजस्थान के उत्तरी व पूर्वी हिस्सों और मध्य प्रदेश (MP) के कई संभागों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है।

3. आम जनजीवन और तापमान पर क्या असर होगा?

इस बारिश से आम नागरिकों को भीषण तपिश से तो राहत मिलेगी ही, साथ ही कई अन्य क्षेत्रों पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा:

ए. पारे में आएगी भारी गिरावट

पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री से 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। इस बारिश के बाद अधिकतम तापमान गिरकर 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच आ सकता है, जिससे लोगों को भीषण लू से पूरी तरह राहत मिल जाएगी।

बी. बिजली की मांग में कमी

लगातार चल रहे एसी (AC) और कूलरों के कारण बिजली ग्रिडों पर जो अत्यधिक दबाव बना हुआ था, मौसम ठंडा होने से बिजली की खपत में कमी आएगी और अघोषित बिजली कटौती से भी राहत मिलेगी।

सी. कृषि क्षेत्र को संजीवनी

जून का महीना खरीफ फसलों, विशेषकर धान की नर्सरी तैयार करने और अगेती फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस समय होने वाली बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी, क्योंकि इससे खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ेगी और भूजल स्तर को भी फायदा होगा।

निष्कर्ष

उत्तर भारत के लिए 11 और 12 जून का दिन मौसम के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने जा रहा है। पंजाब के ऊपर बनने वाला चक्रवात भीषण गर्मी की विदाई का जरिया बनेगा। शुक्रवार से शुरू होने वाली यह बारिश न केवल आम जनता को भीषण उमस और लू से बचाएगी, बल्कि पर्यावरण और कृषि जगत के लिए भी एक नई ताजगी लेकर आएगी। अब उत्तर भारत के लोग बेसब्री से बादलों के बरसने का इंतजार कर रहे हैं।

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