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WTC के नए कलेवर की तैयारी: 12 टीमें और सिंगल टेस्ट का रोमांच; टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए ICC का मास्टर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के आगामी सत्र (2027-2029) में बड़े बदलावों को लेकर चर्चा जोरों पर है। आपने जो जानकारी दी है, वह बिल्कुल सटीक है और ताजा अपडेट्स के अनुसार ICC का वर्किंग ग्रुप इन बदलावों को अंतिम रूप देने के करीब है।
1. 9 से बढ़कर 12 टीमें
न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर रोजर टोस की अध्यक्षता वाले ICC वर्किंग ग्रुप ने प्रस्ताव दिया है कि 2027 से शुरू होने वाले अगले साइकिल में जिम्बाब्वे (ZIM), आयरलैंड (IRE) और अफगानिस्तान (AFG) को भी शामिल किया जाए। अभी ये टीमें टेस्ट तो खेलती हैं, लेकिन उनके मैच WTC पॉइंट्स टेबल का हिस्सा नहीं होते।
2. 'वन-ऑफ टेस्ट' का नियम
मौजूदा नियमों के मुताबिक, WTC पॉइंट्स के लिए कम से कम 2 मैचों की टेस्ट सीरीज होना अनिवार्य है। वर्किंग ग्रुप का सुझाव है कि अब एक मैच की टेस्ट सीरीज (One-off Test) को भी WTC का हिस्सा बनाया जाए।
फायदा: इससे भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमें जिम्बाब्वे या आयरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ अपने बिजी शेड्यूल के बीच भी एक टेस्ट खेल सकेंगी, जिससे छोटी टीमों को अधिक एक्सपोजर और आर्थिक मदद मिलेगी।
3. दो-टियर सिस्टम का क्या हुआ?
इससे पहले टेस्ट क्रिकेट को दो डिवीजनों (Tier 1 और Tier 2) में बांटने का प्रस्ताव भी आया था, लेकिन कई क्रिकेट बोर्ड्स के विरोध के कारण उसे खारिज कर दिया गया है। अब सभी 12 टीमें एक ही ग्रुप या डिवीजन का हिस्सा होंगी।
4. अंतिम फैसला कब?
अभी यह केवल प्रस्ताव है। ICC बोर्ड, जिसकी अध्यक्षता अब जय शाह कर रहे हैं, को इस पर अंतिम मुहर लगानी है। इस महीने के अंत में या मई 2026 की शुरुआत में होने वाली ICC की बैठक में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
संक्षेप में बदलाव:
| फीचर | वर्तमान स्थिति | प्रस्तावित बदलाव (2027+) |
| टीमों की संख्या | 9 | 12 |
| नई टीमें | - | जिम्बाब्वे, आयरलैंड, अफगानिस्तान |
| न्यूनतम मैच | 2 मैचों की सीरीज | 1 मैच (Single Test) भी मान्य |
| उद्देश्य | टॉप टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा | टेस्ट क्रिकेट का विस्तार और समावेश |
