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7 साल का वैवाहिक जीवन और फिर एक खौफनाक सच: पत्नी को पता चला कि पति ही उसका 'सगा भाई' है
7 साल का वैवाहिक जीवन और फिर एक खौफनाक सच: पत्नी को पता चला कि पति ही उसका 'सगा भाई' है
रिश्तों की पवित्रता और समाज के नियमों के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। एक महिला, जो अपनी पहचान और अपनी खोई हुई मां को खोजने की कोशिश कर रही थी, उसे एक ऐसी सच्चाई का सामना करना पड़ा जिसने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी।
सच्चाई का खुलासा कैसे हुआ?
महिला और उसके पति की शादी को 7 साल हो चुके थे। उनका जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन महिला के मन में हमेशा अपनी जैविक मां (Biological Mother) को जानने की इच्छा थी। वह गोद ली गई थी, इसलिए उसे अपने असली परिवार के बारे में कुछ भी पता नहीं था।
* DNA टेस्ट का सहारा: अपनी मां को खोजने के लिए महिला ने एक DNA टेस्ट करवाया और अपनी जानकारी एक वंशावली (Genealogy) वेबसाइट पर डाली।
* मैचिंग रिकॉर्ड्स: जब रिपोर्ट आई, तो महिला के होश उड़ गए। डेटाबेस में उसका DNA उसके पति के DNA से 'फुल सिबलिंग' (Full Siblings) के रूप में मैच हो गया।
* कड़वा सच: जांच के बाद पता चला कि दोनों के माता-पिता एक ही थे। बचपन में किन्हीं कारणों से दोनों को अलग-अलग परिवारों ने गोद ले लिया था, जिससे वे एक-दूसरे की पहचान से अनजान रहे।
जेनेटिक अट्रैक्शन: क्या यह विज्ञान है?
मनोविज्ञान में इस स्थिति को 'जेनेटिक सेक्सुअल अट्रैक्शन' (GSA) कहा जाता है।
* क्या है GSA? जब दो सगे संबंधी (भाई-बहन या माता-पिता और बच्चा) बचपन में एक साथ नहीं पलते और वयस्क होने पर पहली बार मिलते हैं, तो उनमें एक-दूसरे के प्रति तीव्र आकर्षण विकसित होने की संभावना होती है।
* कारण: चूंकि उनके जीन समान होते हैं, इसलिए वे अनजाने में एक-दूसरे की ओर खिंचे चले जाते हैं। प्रकृति में 'वेस्टर्मार्क इफ़ेक्ट' (Westermarck Effect) हमें उन लोगों के प्रति आकर्षित होने से रोकता है जिनके साथ हम बड़े होते हैं, लेकिन जो अलग पले-बढ़े हैं, उनमें यह सुरक्षा चक्र काम नहीं करता।
अब आगे क्या? कानूनी और सामाजिक पेच
इस खुलासे के बाद यह जोड़ा एक बड़ी कानूनी और नैतिक दुविधा में फंस गया है:
* कानूनी स्थिति: दुनिया के लगभग सभी देशों और धर्मों के कानूनों में सगे भाई-बहन की शादी को अमान्य (Void) माना जाता है। इसे 'इनसेस्ट' (Incest) की श्रेणी में रखा जाता है।
* जैविक जोखिम: विज्ञान के अनुसार, सगे भाई-बहन से होने वाली संतान में गंभीर आनुवंशिक बीमारियाँ (Genetic Disorders) होने का खतरा बहुत अधिक होता है।
* भावनात्मक सदमा: 7 साल तक पति-पत्नी के रूप में रहने के बाद अचानक भाई-बहन बन जाना एक ऐसा मानसिक आघात है जिससे उबरना किसी के लिए भी नामुमकिन जैसा है।
निष्कर्ष
यह घटना हमें सचेत करती है कि गोद लेने की प्रक्रिया में पारिवारिक जानकारी का रिकॉर्ड कितना महत्वपूर्ण है। फिलहाल यह जोड़ा काउंसलिंग का सहारा ले रहा है और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है कि इस जटिल स्थिति का समाधान कैसे निकाला जाए।
