• aayushfoundation@navnews.in

25 जनवरी की बैठक: तेजस्वी का 'राजतिलक'?

19-01-2026

आरजेडी (RJD) के भीतर एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। 25 जनवरी 2026 को पटना में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (National Executive) की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि लालू प्रसाद यादव आधिकारिक रूप से पार्टी की कमान अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं।

25 जनवरी की बैठक: तेजस्वी का 'राजतिलक'?

 * कार्यकारी अध्यक्ष का पद: सूत्रों के अनुसार, बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (National Working President) बनाने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। यह पद उन्हें पार्टी के सभी नीतिगत, सांगठनिक और चुनावी फैसले लेने की पूर्ण वैधानिक शक्ति प्रदान करेगा।

 * लालू यादव का स्वास्थ्य: इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य बताई जा रही है। वर्तमान में वे आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन उनकी अस्वस्थता के कारण वे सक्रिय रूप से संगठन के कामकाज और बैठकों में भाग लेने में असमर्थ रहे हैं।

 * औपचारिक शक्ति का हस्तांतरण: हालांकि तेजस्वी यादव पहले से ही पार्टी के 'चेहरा' हैं और 2020, 2024 व 2025 के चुनावों में नेतृत्व कर चुके हैं, लेकिन 'कार्यकारी अध्यक्ष' बनने से उन्हें वे सभी संवैधानिक अधिकार मिल जाएंगे जो अब तक केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास सुरक्षित थे।

नेतृत्व परिवर्तन के पीछे के प्रमुख कारण

 * विधानसभा चुनाव 2025 के बाद 'रीसेट': हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी के निराशाजनक प्रदर्शन (पार्टी 143 में से केवल 25 सीटों पर सिमट गई) के बाद संगठन में बदलाव की मांग उठी थी।

 * कानूनी चुनौतियां: 'लैंड फॉर जॉब' और अन्य घोटालों में लालू परिवार के खिलाफ बढ़ते अदालती मामलों के बीच, पार्टी चाहती है कि नेतृत्व की कमान एक युवा और सक्रिय नेता के पास आधिकारिक रूप से हो।

 * विरोध के सुरों को शांत करना: पार्टी के भीतर संजय यादव (तेजस्वी के सलाहकार) को लेकर उठ रहे सवालों और परिवार के भीतर (रोहिणी आचार्य व अन्य) के मतभेदों के बीच लालू यादव स्वयं तेजस्वी को 'पूर्ण अधिकार' देकर किसी भी संभावित विद्रोह को रोकना चाहते हैं।

बैठक का एजेंडा

 * पार्टी की हार की समीक्षा और भविष्य की रणनीति।

 * आगामी विधानसभा बजट सत्र में सरकार को घेरने की योजना।

 * संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति पर चर्चा।

 * संगठनात्मक बदलाव: राष्ट्रीय स्तर पर पदाधिकारियों की नई नियुक्तियां।

निष्कर्ष

अगर 25 जनवरी को तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह आरजेडी के इतिहास में 28 साल बाद सबसे बड़ा 'पावर ट्रांसफर' होगा। लालू यादव 1997 से पार्टी के अध्यक्ष हैं और अब वे एक 'मार्गदर्शक' की भूमिका में रहेंगे, जबकि तेजस्वी पार्टी के 'सुप्रीमो' के रूप में उभरेगें।


Share This News On Social Media

Facebook Comments

Related News