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10 हजार के बाद अब 2 लाख की बारी: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का 'फेज-2' शुरू

16-01-2026

बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीतीश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना, 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' (MMRY), अब अपने दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। जिन महिलाओं ने ₹10,000 की शुरुआती राशि का सही उपयोग किया है, उनके लिए ₹2 लाख पाने का रास्ता साफ हो गया है।

10 हजार के बाद अब 2 लाख की बारी: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का 'फेज-2' शुरू

बिहार सरकार ने उन 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं के लिए नई SOP (Standard Operating Procedure) तैयार की है, जिन्हें पहले चरण में ₹10,000 की राशि मिल चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह पैसा खैरात नहीं, बल्कि स्वरोजगार का एक जरिया है।

किसे मिलेंगे ₹2 लाख? (पात्रता और शर्तें)

यह राशि हर किसी को एक साथ नहीं मिलेगी। इसके लिए सरकार ने कुछ कड़े मानक तय किए हैं:

 * व्यवसाय का आकलन (Assessment): 'जीविका' (Jeevika) के अधिकारियों और विशेष कमेटियों द्वारा यह जांच की जाएगी कि महिला ने पहले मिले ₹10,000 से वास्तव में कोई छोटा रोजगार (जैसे- सिलाई, मुर्गी पालन, अगरबत्ती बनाना, दुकान आदि) शुरू किया है या नहीं।

 * 6 महीने का सफल संचालन: यदि आपका छोटा व्यवसाय कम से कम 6 महीने से सफलतापूर्वक चल रहा है, तो आप ₹2 लाख की अगली किश्त के लिए पात्र मानी जाएंगी।

 * अनिवार्य ट्रेनिंग: ₹2 लाख देने से पहले महिलाओं को उनके चुने हुए व्यवसाय से संबंधित विशेष तकनीकी और व्यावसायिक ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे बड़े फंड का सही प्रबंधन कर सकें।

 * जीविका समूह से जुड़ाव: इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो किसी न किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं।

पैसे मिलने की प्रक्रिया और समय सीमा

 * किस्तों में भुगतान: ₹2 लाख की यह राशि एकमुश्त (Lump sum) नहीं दी जाएगी। इसे आवश्यकतानुसार 2 से 3 किस्तों में दिया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पैसा बिजनेस में ही लग रहा है।

 * निगरानी कमेटी: पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं जो बिजनेस की प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगी।

 * संभावित समय: रिपोर्ट्स के अनुसार, मूल्यांकन और ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फरवरी 2026 से पात्र महिलाओं के खातों में ₹2 लाख भेजने का काम शुरू हो सकता है।

योजना का अब तक का रिपोर्ट कार्ड

| विवरण | आंकड़े |

|---|---|

| पहले चरण में लाभान्वित महिलाएं | 1.56 करोड़ |

| कुल वितरित राशि (प्रथम किस्त) | ₹10,000 प्रति महिला |

| प्रस्तावित अधिकतम सहायता | ₹2,10,000 (कुल मिलाकर) |

| अगले चरण का लक्ष्य | सफल महिला उद्यमियों का विस्तार |

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री की इस पहल का मकसद बिहार की ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाना है। ₹10,000 एक "बीज राशि" (Seed Money) थी, जबकि ₹2 लाख वह खाद-पानी है जो उनके छोटे काम को एक बड़े व्यापार में बदल देगा।


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