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मेरा बूथ सबसे मजबूत: PM मोदी का कार्यकर्ताओं के साथ मेगा संवाद

30-03-2026

मेरा बूथ सबसे मजबूत: PM मोदी का कार्यकर्ताओं के साथ मेगा संवाद

देश के पाँच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5:30 बजे 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम के जरिए बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे।

भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रणनीति में 'बूथ' को जीत की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है। अमित शाह के "बूथ जीता, चुनाव जीता" के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए PM मोदी सीधे उन जमीनी सिपाहियों से बात करेंगे, जो चिलचिलाती धूप और घर-घर जाकर पार्टी का संदेश पहुंचा रहे हैं।

नमो ऐप (NaMo App) के जरिए डिजिटल कनेक्ट

यह संवाद पूरी तरह डिजिटल होगा, जिसमें नमो ऐप के माध्यम से देश भर के, विशेषकर चुनावी राज्यों के लाखों कार्यकर्ता जुड़ेंगे।

 * सीधा संवाद: PM मोदी कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब देंगे और उन्हें चुनावी प्रबंधन के गुर सिखाएंगे।

 * फीडबैक मैकेनिज्म: इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रधानमंत्री कार्यकर्ताओं से जमीनी हकीकत और जनता के मूड का फीडबैक भी लेंगे।

 * प्रेरणा और मार्गदर्शन: चुनाव के अंतिम चरणों में कार्यकर्ताओं की थकान मिटाने और उनमें नई ऊर्जा फूंकने के लिए यह संबोधन बेहद अहम माना जा रहा है।

चुनावी राज्यों पर विशेष फोकस

आज का यह कार्यक्रम मुख्य रूप से उन राज्यों के लिए संजीवनी का काम करेगा जहाँ मतदान की तारीखें बेहद करीब हैं:

 * असम और पुडुचेरी: यहाँ 9 अप्रैल को मतदान होना है। असम में जहां बीजेपी अपनी सत्ता बचाने की जंग लड़ रही है, वहीं पुडुचेरी में गठबंधन सरकार की वापसी की कोशिश है।

 * पश्चिम बंगाल: यहाँ का मुकाबला सबसे कड़ा है। PM मोदी का यह संवाद बंगाल के उन कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो टीएमसी के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

 * तमिलनाडु और केरल: दक्षिण के इन राज्यों में बीजेपी अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए 'बूथ स्तर' की घेराबंदी पर जोर दे रही है।

क्यों खास है 'मेरा बूथ सबसे मजबूत'?

बीजेपी के लिए यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक माइक्रो-मैनेजमेंट रणनीति है। इसके तहत:

 * हर बूथ पर 10-20 कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जाती है।

 * इनका काम मतदाता सूची के पन्नों (Voter List) के आधार पर परिवारों से संपर्क साधना होता है।

 * सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों (Labharthis) तक पहुंच बनाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी होती है।

आज शाम का यह कार्यक्रम यह स्पष्ट करता है कि तकनीकी युग में भी बीजेपी अपने सबसे पुराने और भरोसेमंद 'कार्यकर्ता नेटवर्क' को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है।


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