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पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल में हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत

25-01-2026

पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल में हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी है। अब तक जिसे केवल एक संदिग्ध मौत माना जा रहा था, उसमें अब गंभीर अपराध के पुख्ता संकेत मिलने लगे हैं।

विशेष जांच टीम (SIT) को सौंपी गई इस रिपोर्ट की मुख्य बातें और वर्तमान स्थिति 

फॉरेंसिक रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे

 * बायोलॉजिकल साक्ष्य: FSL की बायोलॉजिकल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों और घटनास्थल से मिले सैंपल्स में यौन शोषण (Sexual Assault) के जैविक प्रमाण मिले हैं।

 * सेक्शुअल हैरेसमेंट की पुष्टि: रिपोर्ट के तकनीकी निष्कर्ष स्पष्ट रूप से इशारा कर रहे हैं कि मौत से पहले छात्रा के साथ जबरदस्ती या यौन उत्पीड़न किया गया था।

 * DNA प्रोफाइलिंग: अब फॉरेंसिक टीम इन सैंपल्स की DNA प्रोफाइलिंग कर रही है, ताकि संदिग्धों के DNA से मिलान कर असली अपराधी की पहचान की जा सके।

SIT की कार्रवाई और पूछताछ का दायरा

पटना पुलिस द्वारा गठित SIT इस मामले में अब तक 45 से 50 लोगों से पूछताछ कर चुकी है:

 * हॉस्टल कर्मी और छात्र: हॉस्टल के गार्ड, रसोइया और वहां रहने वाली अन्य छात्राओं से कई दौर की पूछताछ हुई है।

 * हॉस्टल मालिक की भूमिका: जेल में बंद हॉस्टल मालिक मनीष रंजन से भी इस नई रिपोर्ट के आधार पर फिर से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस यह जांच रही है कि क्या उसे इस कृत्य की जानकारी थी या उसने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

 * बाहरी संदिग्ध: पुलिस उस दिन हॉस्टल के आसपास सक्रिय मोबाइल टावर डंप डेटा और CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

आगे क्या होगा?

 * मेडिकल बोर्ड की राय: SIT अब फॉरेंसिक रिपोर्ट को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल के सामने रखेगी ताकि मौत के सटीक समय और कारण (Strangulation या अन्य) के साथ यौन शोषण के प्रभाव को जोड़ा जा सके।

 * धाराओं में बदलाव: सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट के बाद केस में IPC/BNS की सामूहिक दुष्कर्म और हत्या जैसी संगीन धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

 * गिरफ्तारी की संभावना: DNA रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कुछ और लोगों को हिरासत में ले सकती है, जो अब तक रडार पर थे।

न्याय की मांग और विरोध

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पटना में छात्र संगठनों और जहानाबाद (छात्रा का गृह जिला) के लोगों में भारी आक्रोश है। लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और निजी हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।


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