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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज यानी 31 जनवरी 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पैदा हुए शून्य को भरने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
शपथ ग्रहण और ऐतिहासिक उपलब्धि
* शपथ ग्रहण समारोह: सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे मुंबई स्थित राजभवन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।
* ऐतिहासिक रिकॉर्ड: वह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली महिला उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनने जा रही हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में किसी भी महिला ने इस पद की जिम्मेदारी नहीं संभाली है।
* राजनीतिक उत्तराधिकार: अजित पवार के निधन के बाद, एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना गया है।
अजित पवार का दुखद निधन और राजनीतिक स्थिति
यह बदलाव एक बेहद दुखद परिस्थिति में हुआ है:
* विमान हादसा: 28 जनवरी 2026 को बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान एक चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजित पवार (66 वर्ष) समेत 5 लोगों का निधन हो गया।
* पोर्टफोलियो: रिपोर्टों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को आबकारी और खेल जैसे विभाग दिए जा सकते हैं, जबकि अजित पवार के पास रहे वित्त विभाग की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद संभाल सकते हैं।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर और उपचुनाव
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उनके भविष्य के चुनावी कदम इस प्रकार होंगे:
* बारामती उपचुनाव: वह अपने पति की पारंपरिक सीट बारामती से विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगी। यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है।
* संवैधानिक नियम: चूंकि वह अभी राज्य विधानसभा की सदस्य नहीं हैं, इसलिए नियमानुसार उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।
* पृष्ठभूमि: सुनेत्रा पवार पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं और लंबे समय से बारामती में सामाजिक कार्यों और 'एजुकेशन हब' के निर्माण में सक्रिय रही हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
* महायुति गठबंधन: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा है कि बीजेपी और सरकार पूरी तरह से पवार परिवार और एनसीपी के इस फैसले के साथ खड़ी है।
* विपक्ष: शरद पवार (NCP-SP) ने इस फैसले पर तटस्थ रुख अपनाते हुए कहा है कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक निर्णय है, हालांकि उन्होंने दोनों गुटों के भविष्य में एकजुट होने की अजित दादा की अंतिम इच्छा का भी जिक्र किया।
यह नियुक्ति महाराष्ट्र की राजनीति में 'महिला नेतृत्व' की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, हालांकि सुनेत्रा पवार के सामने पार्टी को इस संकट के समय एकजुट रखने की कड़ी चुनौती होगी।
