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महिला क्रिकेट में 'पैसे की बारिश': BCCI ने ढाई गुना बढ़ाई मैच फीस

23-12-2025

मुंबई, 23 दिसंबर 2025

भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा हाल ही में ICC वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रचने के बाद, बीसीसीआई की एपेक्स काउंसिल (Apex Council) ने महिला क्रिकेटरों के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट (Domestic Cricket) में खेलने वाली महिला खिलाड़ियों की मैच फीस को ₹20,000 से बढ़ाकर सीधे ₹50,000 प्रति दिन कर दिया है।

1. नया पेमेंट स्ट्रक्चर: किसको क्या मिलेगा?

बीसीसीआई ने सीनियर से लेकर जूनियर लेवल तक के भुगतान ढांचे में आमूल-चूल बदलाव किए हैं:

 * सीनियर महिला (वनडे और मल्टी-डे): अब प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों को ₹20,000 की जगह ₹50,000 प्रति दिन मिलेंगे। वहीं, रिजर्व (बेंच) खिलाड़ियों की फीस ₹10,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति दिन कर दी गई है।

 * सीनियर महिला (T20): टी-20 फॉर्मेट में भी फीस दोगुनी कर दी गई है। अब प्लेइंग इलेवन के लिए ₹25,000 और रिजर्व खिलाड़ियों के लिए ₹12,500 प्रति मैच तय किए गए हैं।

 * जूनियर महिला (U-19 और U-23): जूनियर स्तर पर भी खिलाड़ियों को अब ₹25,000 प्रति दिन (प्लेइंग इलेवन) और ₹12,500 प्रति दिन (रिजर्व) मिलेंगे।

2. अंपायरों और मैच रेफरी की भी 'बल्ले-बल्ले'

बोर्ड ने केवल खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि खेल का संचालन करने वाले अधिकारियों के वेतन में भी जबरदस्त इजाफा किया है। घरेलू लीग मैचों के लिए अंपायरों की फीस अब ₹40,000 प्रति दिन होगी, जबकि नॉकआउट मुकाबलों (सेमीफाइनल/फाइनल) के लिए यह राशि ₹50,000 से ₹60,000 प्रति दिन तक हो सकती है।

3. सालाना कमाई में भारी उछाल

इस नए फैसले के बाद, एक घरेलू महिला क्रिकेटर जो पूरे सीजन में सभी फॉर्मेट (वनडे, टी-20 और मल्टी-डे) खेलती है, उसकी सालाना कमाई अब लगभग ₹12 लाख से ₹14 लाख के बीच होगी। पहले यह राशि मात्र ₹2 लाख से ₹3 लाख के आसपास सिमट जाती थी। यह बदलाव महिला क्रिकेट को एक पूर्णकालिक करियर (Full-time Career) के रूप में अपनाने के लिए लाखों लड़कियों को प्रेरित करेगा।

4. वर्ल्ड कप जीत का 'इनाम'

बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मिली विश्व कप 2025 की जीत के सम्मान में लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि जिस तरह महिला टीम ने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया है, उसका लाभ जमीनी स्तर (Grassroots) पर खेल रही हर महिला खिलाड़ी को मिलना चाहिए।

5. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

जैसे ही 'किसान दिवस' पर इस 'क्रिसमस बोनस' का ऐलान हुआ, सोशल मीडिया पर #WomenCricket और #BCCI ट्रेंड करने लगा। पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने इसे भारतीय खेल इतिहास का 'गोल्डन मोमेंट' बताया है। क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि वेतन की यह समानता आने वाले समय में भारत को महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी महाशक्ति बनाएगी।


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