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क्यों कट रहे हैं 52 लाख से अधिक नाम?

21-01-2026

बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अलर्ट है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन (Verification) अभियान के तहत राज्य भर में 52,22,135 लोगों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए की जा रही है।

क्यों कट रहे हैं 52 लाख से अधिक नाम?

विभाग की जांच में इन नामों के रिजेक्ट होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

 * आधार सीडिंग फेल: सबसे बड़ा कारण आधार कार्ड का राशन कार्ड से लिंक न होना या गलत आधार जानकारी होना है।

 * अपात्रता (Ineligibility): जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन, तीन से अधिक कमरे का पक्का मकान या ढाई एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है, उनके नाम हटाए जा रहे हैं।

 * आय सीमा: जिन परिवारों की मासिक आय ₹10,000 से अधिक है, वे अब इस सूची से बाहर होंगे।

 * मृत्यु या पलायन: ऐसे लोग जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो राज्य से बाहर स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं, उनके नाम भी हटाए जा रहे हैं।

प्रमुख जिलों की स्थिति (नाम कटने के मामले में टॉप पर)

| जिला | हटाए जाने वाले संभावित नाम |

|---|---|

| पटना | ~2.96 लाख |

| गया | ~2.50 लाख |

| मुजफ्फरपुर | ~2.20 लाख |

| मधुबनी | ~2.10 लाख |

अपना नाम कैसे बचाएं या चेक करें?

यदि आपको लगता है कि आपका नाम गलती से सूची में है, तो आप तुरंत ये कदम उठाएं:

 * e-KYC करवाएं: नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) केंद्र पर जाकर अपना और परिवार के सभी सदस्यों का फिंगरप्रिंट के जरिए e-KYC करवाएं।

 * ऑनलाइन स्टेटस चेक: epds.bihar.gov.in पर जाकर 'RCMS Report' में अपने जिले और राशन कार्ड नंबर के जरिए स्थिति चेक करें।

 * आधार लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका आधार आपके मोबाइल नंबर और राशन कार्ड दोनों से सही ढंग से लिंक है।

नया राशन कार्ड कैसे बनाएं?

यदि आपका नाम कट गया है और आप पात्र हैं, तो आप rconline.bihar.gov.in पर जाकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज:

 * परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड।

 * बैंक पासबुक (मुख्य महिला सदस्य के नाम पर)।

 * निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र।

 * पूरे परिवार की एक संयुक्त फोटो।

> नोट: आधार वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने 2026 की शुरुआत तक का समय दिया था, जिसके बाद अब बड़े पैमाने पर नामों को डिलीट करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।



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