Near Janipur Thana, Phulwari Sharif, Patna
विकसित भारत के लिए 'मानव पूंजी' पर मंथन: पीएम मोदी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवों का 5वां राष्ट्रीय
नई दिल्ली | 27 दिसंबर 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में मुख्य सचिवों का 5वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है। तीन दिवसीय (26-28 दिसंबर) इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच साझेदारी को मजबूत करना और 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) के माध्यम से 'विकसित भारत' के सपने को साकार करना है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' (Human Capital for Viksit Bharat) रखा गया है।
1. 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' से 'मानव पूंजी' तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन के माध्यम से देश के नीति-निर्माताओं को एक नया दृष्टिकोण दिया है। सरकार का मानना है कि भारत की विशाल आबादी को केवल एक 'जनसांख्यिकीय लाभांश' (Demographic Dividend) के रूप में नहीं, बल्कि 'मानव पूंजी' के रूप में देखा जाना चाहिए। इसका अर्थ है कि नागरिकों को केवल जनसंख्या की एक संख्या न मानकर उन्हें कौशल, शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से देश की सबसे बड़ी संपत्ति बनाया जाए।
2. चर्चा के पांच मुख्य स्तंभ (Key Focus Areas)
सम्मेलन में मानव पूंजी को सशक्त बनाने के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर गहन चर्चा की जा रही है:
* प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (Early Childhood Education): बच्चों के शुरुआती विकास और सीखने की नींव को मजबूत बनाना।
* स्कूली शिक्षा (Schooling): शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और ड्रॉपआउट दर को कम करना।
* कौशल विकास (Skilling): उद्योग की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को प्रशिक्षित करना।
* उच्च शिक्षा (Higher Education): अनुसंधान और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना।
* खेल और पाठ्येतर गतिविधियां: युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए खेल और अन्य गतिविधियों को मुख्यधारा में लाना।
3. विशेष सत्र: भविष्य का रोडमैप
औपचारिक सत्रों के अलावा, सम्मेलन में छह विशेष विषयगत सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर गवर्नेंस और अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं:
* राज्यों में नियमन-मुक्ति (Deregulation): व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) के लिए पुराने और जटिल कानूनों को हटाना।
* शासन में प्रौद्योगिकी (Technology in Governance): एआई (AI) और डिजिटल माध्यमों के उपयोग से सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना।
* एग्रीस्टैक (AgriStack): किसानों के लिए स्मार्ट सप्लाई चेन और बाजार लिंक तैयार करना।
* पर्यटन: 'एक राज्य, एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल' की अवधारणा पर काम करना।
* आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना और वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए भविष्य की योजनाएं तैयार करना।
4. विरासत और स्वास्थ्य का संगम
सम्मेलन के दौरान कुछ अनोखे विषयों पर भी अनौपचारिक चर्चा हो रही है, जिनमें 'विरासत और पांडुलिपि संरक्षण' के डिजिटलीकरण और 'सभी के लिए आयुष' (AYUSH for All) के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में एकीकृत करना शामिल है।
5. सहकारी संघवाद की एक निरंतर परंपरा
मुख्य सचिवों के सम्मेलन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर जून 2022 में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में हुई थी। इसके बाद जनवरी 2023, दिसंबर 2023 और दिसंबर 2024 में दिल्ली में सफल आयोजन हुए। यह 5वां संस्करण दर्शाता है कि केंद्र और राज्य अब 'साइलो' (अलग-अलग) में काम करने के बजाय एक एकीकृत राष्ट्रीय ब्लूप्रिंट पर काम कर रहे हैं।
6. क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
जब देश के सभी राज्यों के प्रशासनिक प्रमुख (मुख्य सचिव) एक ही मेज पर बैठते हैं, तो क्षेत्रीय समस्याओं का राष्ट्रीय समाधान निकलता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में जोर दिया कि राज्यों के बीच 'स्वस्थ प्रतिस्पर्धा' के साथ-साथ 'सर्वोत्तम प्रथाओं' (Best Practices) का आदान-प्रदान होना चाहिए। यदि एक राज्य ने शिक्षा या पर्यटन में कुछ अच्छा किया है, तो उसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
