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बिहार रेल क्रांति 2026: पटना को मिलेगा नया टर्मिनल और ₹17,000 करोड़ की महा-परियोजना

02-02-2026

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पटना के रेल यात्रियों और बिहार के बुनियादी ढांचे के लिए यह एक ऐतिहासिक मोड़ है। हार्डिंग पार्क में नए टर्मिनल का निर्माण पटना जंक्शन के बोझ को कम करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होगा।

बिहार रेल क्रांति 2026: पटना को मिलेगा नया टर्मिनल और ₹17,000 करोड़ की महा-परियोजना

पटना अब केवल एक या दो मुख्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित बजट और फंड आवंटन के बाद, बिहार की राजधानी और राज्य के रेल नेटवर्क में आमूल-चूल बदलाव आने वाला है।

1. हार्डिंग पार्क रेल टर्मिनल: पटना का नया प्रवेश द्वार

पटना जंक्शन पर यात्रियों और ट्रेनों के अत्यधिक दबाव को देखते हुए हार्डिंग पार्क (पटना जंक्शन के पास) में एक आधुनिक रेल टर्मिनल बनाने की योजना को ₹500 करोड़ के साथ हरी झंडी मिल गई है।

 * क्षमता: यहाँ 5 नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जो मुख्य रूप से मेमू (MEMU) और पैसेंजर ट्रेनों के लिए होंगे।

 * फायदा: इससे पटना जंक्शन के मुख्य प्लेटफॉर्म लंबी दूरी की एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए खाली हो जाएंगे, जिससे ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी।

 * कनेक्टिविटी: इसे पटना मेट्रो और मुख्य सड़क मार्ग से सीधे जोड़ने की योजना है, जिससे यात्रियों को स्टेशन बदलने में आसानी होगी।

2. DDU-झाझा तीसरी और चौथी रेल लाइन (लागत: ₹17,000 करोड़)

यह बिहार के रेल इतिहास की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन से झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा।

 * क्यों जरूरी है? यह रूट दिल्ली-हावड़ा मुख्य लाइन का हिस्सा है और वर्तमान में यहाँ क्षमता से 150% अधिक ट्रेनें चलती हैं।

 * प्रभाव: इन अतिरिक्त लाइनों के बनने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और समय-पालन (Punctuality) में भारी सुधार होगा।

3. बिहटा-औरंगाबाद नई रेल लाइन: दशकों पुराना सपना होगा पूरा

1970 के दशक से लंबित बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन को आखिरकार नई जान मिल गई है।

 * विस्तार: यह लाइन बिहटा से शुरू होकर अरवल होते हुए औरंगाबाद (अनुग्रह नारायण रोड) तक जाएगी।

 * आर्थिक लाभ: यह रेल लाइन मगध क्षेत्र के पिछड़े इलाकों को सीधे पटना से जोड़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

4. अन्य महत्वपूर्ण सौगातें

 * नवादा-पावापुरी नई लाइन: लगभग ₹492 करोड़ की लागत से बनने वाली यह लाइन जैन तीर्थस्थल पावापुरी को सीधे रेल नेटवर्क पर लाएगी।

 * वर्ल्ड क्लास स्टेशन: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गया, दरभंगा, और मुजफ्फरपुर जैसे स्टेशनों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

भविष्य की तस्वीर

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, बिहार न केवल उत्तर और पूर्वी भारत के बीच एक सुगम 'ट्रांजिट हब' बनेगा, बल्कि पटना के शहरी यातायात में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

> विशेष नोट: ₹17,000 करोड़ की DDU-झाझा परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में भूमि अधिग्रहण और पुलों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।



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